rampur meena bazaar news : कोर्ट के आदेश के बाद 40 दुकानें जमींदोज
रामपुर, 28 अप्रैल 2025 — उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। करीब 50 साल पुराने मीना बाजार की 40 अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “बुलडोजर नीति” के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अतिक्रमण हटाना और कानून का सख्ती से पालन कराना है।
सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई
प्रशासन की ओर से सुबह 6 बजे नगर पालिका की टीम और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले दुकानदारों को एक दिन पहले नोटिस दिया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने सामान को हटा लें। तय समय पूरा होते ही बुलडोजर ने दुकानों को गिराना शुरू कर दिया।
कोर्ट का आदेश बना आधार
यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र का है, जहां जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय की बाउंड्री से लगी सड़क पर वर्षों पहले कब्जा कर अवैध रूप से दुकानें बना ली गई थीं। फ्लाईओवर बनने के बाद यह इलाका बेहद संकीर्ण हो गया, जिससे यातायात में लगातार बाधा आ रही थी।
कानूनी प्रक्रिया की प्रमुख तारीखें
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मार्च 2025: नगर पालिका ने नोटिस जारी किया
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11 अप्रैल 2025: लोअर कोर्ट ने दुकानदारों की याचिका खारिज की, 15 दिन में दुकानें खाली करने का आदेश
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25 अप्रैल 2025: समयसीमा समाप्त
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28 अप्रैल 2025: ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
रामपुर के जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह ने कहा
“यह कार्रवाई पूरी तरह से कोर्ट के आदेश और कानून के तहत की गई है। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की मनमानी नहीं की गई। अब सर्विस लेन पूरी तरह से खुल गई है और यातायात सामान्य रूप से शुरू हो गया है।”
दुकानदारों की व्यथा
ध्वस्तीकरण से प्रभावित दुकानदारों ने अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उन्हें वैकल्पिक स्थान नहीं दिया गया और उनका जीवन यापन खतरे में पड़ गया है।
एक दुकानदार ने कहा:
“हमने यहां पूरी जिंदगी दुकानदारी की है। अब सरकार ने हमारी कमाई का जरिया ही छीन लिया। हमें कहीं और बसाने की व्यवस्था होनी चाहिए थी।”
योगी सरकार का बुलडोजर ऐक्शन जारी
रामपुर की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। बीते वर्षों में प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ जैसे शहरों में भी ऐसे कई एक्शन देखे जा चुके हैं।
रामपुर का मीना बाजार अब इतिहास बन चुका है। जहां एक ओर प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर प्रभावित दुकानदार अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीति और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।
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