राम नाम बैंक बिलासपुर: मुंगेली नाका पर स्थित एक अनोखा संस्थान आज पूरे छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर में आस्था और अनुशासन का प्रतीक बन चुका है। यहां स्थित श्री सीताराम नाम बैंक को छत्तीसगढ़ का इकलौता ‘पुण्यों का बैंक’ कहा जाता है, जहां धन नहीं, बल्कि राम नाम लिखकर अर्जित पुण्य जमा होता है।
इस बैंक में फिलहाल 2770 खाताधारक हैं, जिनकी संख्या जल्द ही 2800 के आंकड़े को छूने वाली है। खास बात यह है कि इनमें 12 खाताधारक ऐसे हैं, जिन्होंने एक करोड़ से अधिक बार राम नाम लिखकर ‘पुण्य करोड़पति’ का दर्जा हासिल कर लिया है, जबकि 20 से ज्यादा साधक 50 लाख से अधिक पुण्य पूंजी के साथ इस लक्ष्य के बेहद करीब हैं।
राम नाम बैंक बिलासपुर: डेढ़ अरब की नकदी
Ram Naam Bank के मुख्यालय में इस समय करीब डेढ़ अरब राम नाम लेखन की पुस्तिकाएं सुरक्षित रखी गई हैं, जबकि कुल संकलित पुण्य पूंजी का अनुमान चार अरब से अधिक बताया जा रहा है। इसमें से लगभग ढाई अरब राम नाम रिजर्व के रूप में संरक्षित हैं. मुख्यालय में लाल रंग के रैक में सहेजी गईं ये पुस्तिकाएं किसी बैंक के लॉकर से कम सुरक्षित नहीं हैं।
Also Read-CM VISHNU DEO SAI NEWS: महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान
राम नाम बैंक बिलासपुर: जाने कैसे हुई राम नाम बैंक की शुरुआत
श्री सीताराम नाम बैंक की स्थापना 8 मार्च 2022 को हुई थी। इसे अयोध्या के संत महंत नृत्य गोपाल दास जी के संरक्षण में, श्री सीताराम नाम बैंक अयोध्या के प्रमुख पुनीत राम जी की मान्यता प्राप्त है. इस बैंक की नींव स्वर्गीय महेश चंद्र गुप्ता ने रखी थी, जो पेशे से वकील थे। वे 1975 से राम नाम लेखन करते आ रहे थे और पुस्तिकाएं भरने के बाद गंगासागर जाकर उनका विसर्जन करते थे। बाद में उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ऐसी व्यवस्था बने, जहां राम नाम लेखन का विधिवत संकलन और संरक्षण हो।
बच्चों के लिए भी खाता
राम नाम बैंक अपने खाताधारकों को निःशुल्क लेखन पुस्तिकाएं उपलब्ध कराता है। ये पुस्तिकाएं अलग-अलग श्रेणियों की होती हैं, जिनमें एक पुस्तिका में 28 हजार से लेकर 32 हजार से अधिक बार राम नाम लिखा जा सकता है. बच्चों के लिए भी अलग श्रेणी है, जिसमें वे 16 हजार राम नाम लिखकर अपनी साधना जमा कर सकते हैं। हर महीने करीब 7000 से अधिक पुस्तिकाएं वितरित की जाती हैं।
Also Read-प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप: बिलासपुर में पास्टर गिरफ्तार
टॉप साधक
राम नाम लेखन में सबसे आगे रहने वाले साधकों में
कवर्धा के टंकूर चंद्राकर (एक करोड़ से अधिक राम नाम)
लाल चंद्रवंशी (डेढ़ करोड़ के पार)
सकरी-उस्लापुर के मोहित राम
बिलासपुर की नोटरी अधिवक्ता सुनीता सिंह ठाकुर
जैसे नाम शामिल हैं, जो ‘प्लैटिनम श्रेणी’ में पहुंच चुके हैं।
एक लाख राम नाम से खुलता है खाता
राम नाम बैंक में खाता खोलने के लिए न्यूनतम एक लाख राम नाम लिखकर जमा करना आवश्यक है। इसके बाद साधक सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम श्रेणी की ओर बढ़ते हैं। बीते तीन वर्षों में बैंक ने हजारों लोगों को नशा, तनाव और भटकाव से दूर कर साधना से जोड़ा है।
देशभर से जुड़ रहे हैं साधक
यह बैंक केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों से साधक डाक और कूरियर के जरिए अपनी पुस्तिकाएं भेजते हैं। वॉट्सऐप ऑर्डर की सुविधा भी उपलब्ध है।
