Barwani Central Jail Raksha Bandhan: रक्षाबंधन के अवसर पर बड़वानी केंद्रीय जेल में एक अनोखा और भावुक नज़ारा देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं, जो इस समय विभिन्न मामलों में सजा या मुकदमे के चलते सलाखों के पीछे हैं। बहनों ने भाइयों के उज्जवल भविष्य और जल्द रिहाई के लिए भगवान से प्रार्थना की।
भाइयों से मिलने की बेकरारी
इंदौर से आई शोभा शुक्ला ने अपने भाई को राखी बांधते हुए बताया कि उन्हें पूरे साल इस दिन का इंतज़ार रहता है। उनका भाई पिछले साढ़े तीन साल से जेल में बंद है। शोभा ने कहा, “हम चाहते हैं कि वह जल्दी घर लौट आए और हम पहले की तरह परिवार में मिलकर उत्साह से त्योहार मना सकें।” उन्होंने यह भी बताया कि जेल में राखी बांधना भावनात्मक रूप से कठिन है, लेकिन खुशी है कि प्रशासन ने मुलाकात का अवसर दिया।

गलतियों से दूर रहने की सीख
शोभा ने अपने भाई से वादा लिया कि वह दोबारा कोई ऐसी गलती नहीं करेगा, जिसकी वजह से जेल जाना पड़े। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि चाहे वह किसी का भाई, पिता, बेटा या बहन हो, किसी भी गलत कार्य से दूर रहें ताकि परिवार का सुख-शांति बनी रहे।
जेल प्रशासन की विशेष व्यवस्था
जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर कैदियों की बहनों के लिए पूरी व्यवस्थाएं की गईं। जेल प्रशासन ने राखी में लगने वाली सामग्री भी उपलब्ध कराई। अब तक लगभग 400 बहनें अपने भाइयों को राखी बांध चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से भाई-बहन के रिश्ते में मजबूती आती है और कैदियों में भी सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा मिलती है।

सुरक्षा और प्रक्रिया का पालन
Barwani Central Jail Raksha Bandhan: जेल में राखी कार्यक्रम के लिए आने वाली सभी बहनों को पहले अपना नाम और मिलने वाले भाई का नाम दर्ज कराना पड़ता है। इसके बाद सुरक्षा जांच के बाद एक-एक बहन को लेकर कैदी के पास ले जाया जाता है। यह प्रक्रिया सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए अनिवार्य है, जिससे त्योहार का आयोजन सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
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