Rajiv Gandhi University of Technology: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में छिपकली कांड के बाद कैंटीन बंद होने के बाद छात्रों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बाहर से आने वाले टिफिन पर भी रोक लगा दी, जिससे छात्रों को रात में भोजन नहीं मिल पा रहा है।

Rajiv Gandhi University of Technology: दिनचर्या और पढ़ाई दोनों प्रभावित
इसी के विरोध में सोमवार-मंगलवार रात 12 बजे तक मुख्य गेट पर छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया गया। और भूखे छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और व्यवस्था सुधारने की मांग की। छात्रों ने कहा कि इस घटना के बाद से उन्हें नियमित भोजन नहीं मिल पाया है, जिससे उनकी दिनचर्या और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं।
Rajiv Gandhi University of Technology: इस पर भी पाबंदी लगा दी
टिफिन रोकने पर भड़के छात्र मौजूद छात्रों ने आरोप लगाया कि निवर्सिटी के मुख्य गेट पर टिफिन लेकर आने वाले व्यक्ति को गार्ड्स ने रोक दिया। छात्रों ने बताया कि जब कैंटीन बंद है, तो बाहर से खाना आने देना चाहिए, लेकिन प्रशासन ने इस पर भी पाबंदी लगा दी है।
छात्रों के खाने के टिफिन को रोक दिया जाता
इससे छात्र रात में भूखे रहने को मजबूर हो गए। सीवी रमन बॉयज हॉस्टल के 40 से 50 छात्र करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य गेट तक पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पूर्व वार्डन व वरिष्ठ फैकल्टी के खिलाफ भी विरोध जताया। छात्र बोले- बाहरी लोगों को नहीं रोकते छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में बाहरी लोग आकर विवाद करते हैं, तब उन्हें नहीं रोका जाता, लेकिन छात्रों के खाने के टिफिन को रोक दिया जाता है।
प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती
इस दोहरे रवैये को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई। एक छात्र आर्यन देशमुख ने बताया कि मंगलवार से मिड टर्म परीक्षा शुरू हो रही है। छात्र दिनभर लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन रात में खाने की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ गई। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के समय इस तरह की अव्यवस्था उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
छात्रों नाराजगी
रात तक चलता रहा विरोध सोमवार रात करीब 12 बजे तक यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने मांग की कि जल्द से जल्द कैंटीन शुरू की जाए या बाहर से खाना लाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े। प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ सकती है।
