RAJASTHAN NEWS: हाड़ौती अंचल की बहुप्रतीक्षित परवन पेयजल योजना बीते चार वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी है। करीब 3,500 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के 1402 गांवों और ढाणियों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रस्तावित है। लेकिन योजना की प्रगति विभागीय लापरवाही के चलते बार-बार अटक रही है।

RAJASTHAN NEWS: क्षेत्र में जल संकट और भी गंभीर हो जाएगा
विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने इस गंभीर मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गर्मियों में ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। ऐसे में यदि यह योजना समय पर पूरी नहीं हुई तो क्षेत्र में जल संकट और भी गंभीर हो जाएगा।
RAJASTHAN NEWS: फाइल को मुख्यालय भेजा गया
RAJASTHAN NEWS: योजना के तहत अब तक चार बार टेंडर प्रक्रिया चलाई जा चुकी है, जिनमें से तीन बार टेंडर रद्द कर दिए गए। चौथी बार करीब चार महीने पहले टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर फाइल को मुख्यालय भेजा गया, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई। इस कारण से प्रोजेक्ट पर कोई ठोस कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।
RAJASTHAN NEWS: बड़ी राहत की उम्मीद कर रहा
ग्रामीणों में निराशा का माहौल है क्योंकि वर्षों से वे नल कनेक्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। योजना की सुस्त रफ्तार के चलते लाखों की आबादी आज भी बुनियादी सुविधा से वंचित है। हाड़ौती क्षेत्र, जो पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है, इस परियोजना के शुरू होने से बड़ी राहत की उम्मीद कर रहा है।
प्राथमिकता देने की अपील की
विधायक सिंघवी ने विभाग से इस योजना को शीघ्र स्वीकृत करने और प्राथमिकता देने की अपील की है ताकि इस साल के अंत तक ग्रामीणों को पानी की स्थायी सुविधा मिल सके।
