उत्तर भारत में सर्दी ने दस्तक दे दी है। पहाड़ों पर बर्फबारी के असर से मैदानी राज्यों में तापमान तेजी से गिरने लगा है। राजस्थान से लेकर दिल्ली और मध्य प्रदेश तक ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है।
राजस्थान में सर्दी का असर दिखा
राजस्थान के कई इलाकों में नवंबर की शुरुआत में ही पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है। गुरुवार को फतेहपुर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नागौर में 9.4° और बीकानेर के पास लूणकरणसर में 8.9° तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, क्योंकि उत्तर भारत में हिमालय की ओर से आने वाली ठंडी हवाएं सक्रिय हो चुकी हैं।
मध्य प्रदेश में भी ठंड ने पकड़ी रफ्तार
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान औसतन 6 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 11°, इंदौर में 12.1°, और भोपाल में 13° सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक और नीचे जा सकता है। राज्य के कई जिलों में लोग अब सुबह-शाम जैकेट और स्वेटर पहनने लगे हैं। सड़क किनारे चाय और अलाव के आसपास भीड़ बढ़ने लगी है।
दिल्ली में सीजन की सबसे ठंडी रात
राजधानी दिल्ली में गुरुवार को इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई। यह पहली बार था जब तापमान 15 डिग्री से नीचे गिरा। न्यूनतम तापमान 12.7° सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो 26 अक्टूबर को दर्ज 15.8° से करीब 3 डिग्री कम है। दिल्ली में सुबह हल्का कोहरा और ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अगले 2 से 3 दिन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और NCR में तापमान में और गिरावट संभव है। उत्तर भारत की ओर से आने वाली ठंडी हवाएं पूरे मध्य क्षेत्र तक पहुंच रही हैं, जिससे कड़ाके की ठंड का एहसास होगा।
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बुजुर्ग और छोटे बच्चे ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहें। सुबह जल्दी और देर शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। वाहन चलाते समय कोहरे के कारण दृश्यता कम होने पर सावधानी बरतें।
ठंड की आहट, सर्दियों की शुरुआत
नवंबर के पहले हफ्ते में ही तापमान में यह गिरावट संकेत दे रही है कि इस बार सर्दियां जल्दी और कड़ाके की होंगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बर्फबारी का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो नवंबर के अंत तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पारा एकल अंकों तक पहुंच सकता है।
Read More:- बचपन की वो बातें जो आज भी दिल को छू जाती हैं, क्या आप भी महसूस करते हैं ये?

