
मंत्रियों को जिलों में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लें और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। इन बैठकों में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। मंत्रियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता, जैसे भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं, उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त, 7 सितंबर को सभी मंत्रियों को अपने विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने और वहां की स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करने के लिए कहा गया है।

Rajasthan heavy rains relief: क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी विधायकों को भी 5 से 7 सितंबर तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत दौरा करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान विधायकों को राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और सहायता समय पर पहुंचे। विधायकों को स्थानीय समस्याओं, जैसे जलभराव, सड़क क्षति और बुनियादी ढांचे की मरम्मत, पर विशेष ध्यान देना होगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के साथ मिलकर काम करें और आमजन को राहत पहुंचाने में योगदान दें। कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की गई है कि वे स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर प्रभावित लोगों की सहायता करें, जैसे कि राहत सामग्री वितरण, अस्थायी आश्रय की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करना। इस सामूहिक प्रयास से न केवल राहत कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
आपदा प्रबंधन में सामूहिक प्रयास की जरूरत
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी स्तरों पर सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने प्रशासन, मंत्रियों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर कार्य करने की अपील की। इस दौरान बुनियादी ढांचे की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और प्रभावित परिवारों को पुनर्वास सहायता प्रदान करना प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन के लिए 24×7 तैयार रहने के निर्देश भी दिए हैं।
