Raja Raghuwanshi: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, और अब राजा का परिवार इस सनसनीखेज वारदात से जुड़ी सच्चाई जानना चाहता है। इसी को लेकर राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कोर्ट से चार्जशीट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि परिवार को ‘हनीमून कांड’ की पूरी जानकारी मिल सके।

Raja Raghuwanshi: 97 दिन की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की
मेघालय पुलिस की एसआईटी ने 6 सितंबर को 97 दिन की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट सोहरा उपमंडल की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, शिलांग में पेश की गई। चार्जशीट में सोनम, राज कुशवाहा, विशाल सिंह चौहान, आकाश सिंह राजपूत और आनंद कुर्मी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1), 238(ए) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, तीन अन्य आरोपियों—प्रॉपर्टी डीलर शीलोम जेम्स, फ्लैट मालिक लोकेंद्र तोमर और सुरक्षा गार्ड बलबीर पर सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया है।
Raja Raghuwanshi: हत्या या हादसा? अब भी कई सवाल बाकी
यह मामला तब सामने आया जब 2 जून को राजा रघुवंशी का शव शिलांग के वेई सावडोंग इलाके की गहरी खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राजा की मौत एक सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
Raja Raghuwanshi: सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया
मृतक राजा रघुवंशी, जो इंदौर में ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे, की शादी 11 मई को सोनम से हुई थी। शादी के कुछ ही दिन बाद, 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 22 मई को उन्होंने सोहरा की ओर यात्रा की और वहां एक एक्टिवा किराए पर ली। इसके बाद 24 मई को राजा और सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया।
परिवार ने जब संपर्क करने की कोशिश की और कोई जानकारी नहीं मिली, तो 27 मई से उनकी तलाश शुरू हुई। इसके बाद 2 जून को राजा का शव खाई में पाया गया।
गिरफ्तारी और खुलासे
जांच में तेजी लाते हुए पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित एक ढाबे से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस हत्याकांड में कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें से पांच आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि शेष तीन—शीलोम जेम्स, लोकेंद्र तोमर और बलबीर जमानत पर रिहा हैं।
राजा का परिवार अब इस मामले से जुड़ी सभी जानकारियों को समझना चाहता है… ताकि उन्हें बेटे की हत्या की असल वजह का पता चल सके।
