Raja Raghuvanshi: राजा रघुवंशी हत्याकांड की गूंज के बीच उनके परिजन और सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी उज्जैन पहुंचे। सिद्धवट घाट पर उन्होंने राजा की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। इस मौके पर सिद्धनाथ भगवान को दूध अर्पित किया गया, कौओं को भोजन कराया गया और गायों को घास खिलाई गई। पूजा-पाठ और धार्मिक कर्मकांड के दौरान परिवार के लोग भावुक भी नजर आए।

हाल ही में हुई थी शादी, हनीमून बना मौत का सफर
Raja Raghuvanshi: राजा रघुवंशी, जो इंदौर के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे, की शादी 11 मई को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के बाद दोनों ने हनीमून के लिए कश्मीर जाने का प्लान बनाया, लेकिन अंतिम समय में कामाख्या मंदिर दर्शन के बहाने मेघालय चले गए। 20 मई को वे इंदौर से बेंगलुरु होते हुए गुवाहाटी और फिर मेघालय पहुंचे थे। वहां 22 मई को दोनों एक होमस्टे में रुके और स्कूटी किराए पर लेकर घूमने निकले।
2 जून को झरने के पास मिली लाश, हत्या की पुष्टि
Raja Raghuvanshi: 2 जून को मेघालय के वेई सॉवडॉन्ग झरने के पास एक खाई से राजा का शव बरामद हुआ। शव के पास लावारिस स्कूटी भी मिली, जिससे मामला हत्या का लगने लगा। 4 जून को शव को इंदौर लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया। मामला तुरंत सुर्खियों में आ गया और जांच शुरू हुई।
गाजीपुर में आत्मसमर्पण, सोनम समेत 4 गिरफ्तार
Raja Raghuvanshi: 8 जून को सोनम रघुवंशी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में नंदगंज थाने के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसी रात पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया, जिनमें दो इंदौर और एक ललितपुर का निवासी है। जांच में सामने आया कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश थी।
4 लाख में दी थी सुपारी, नेपाल भागने की थी तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सोनम घर से 9 लाख रुपये लेकर निकली थी और उसने 4 लाख में राजा की हत्या की सुपारी दी थी। वह बनारस से गुवाहाटी और फिर बिहार पहुंची थी और नेपाल भागने की योजना बना रही थी। लेकिन प्रेमी के पकड़े जाने के बाद उसने रास्ता बदल लिया और गाजीपुर के एक ढाबे पर पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।
