मंत्री नरेंद्र शिवाजी समेत हजारों भक्त शामिल
Raisen News: सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करने बाले श्रीश्री 1008 परमहंस श्रीराम बाबा जी ने 108 साल पूर्ण होने पर चिर समाधि ली । विलीनीकरण आंदोलन स्थान , पुण्य सलिला मां नर्मदा की गोद मे जल समाधि दी गई ।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने किया माल्यार्पण
श्रीराम बाबा ने रायसेन जिले के उदयपुरा तहसील के नर्मदा किनारे बोरास घाट पर अपने शरीर को चिर समाधि में छोड़ा । इस दौरान हजारों भक्त बोरास अंतिम यात्रा में शामिल हुए.प्रदेश के लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी आश्रम पहुंचकर बाबाजी के चित्र पर माल्यर्पण कर आशीर्वाद लिया.इस दौरान नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि बाबा जी टपरिया बाले के घरों में जाते थे और उनके अटरिया बन जाती थी तो दूसरी टपरिया में जाते थे ऐसे सन्त थे श्रीराम बाबा ।
Raisen News: नर्मदा तट पर जल समाधि दी गयी
परमहंस श्री श्री 1008 श्रीराम बाबाजी का देह त्याग बौरास नर्मदा तट स्थित बगीचा में हो गया। मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़ समेत भारत के कई राज्यों में उनके भक्त हैं । परमहंस श्रीराम बाबाजी की अंतिम शोभायात्रा आज सुबह 11 बजे नर्मदा तट बौरास के लिए प्रस्थान कर नर्मदा तट पर जल समाधि दी गयी । परमहंस श्रीराम बाबा पूर्ण विरक्त, मुक्त आध्यात्मिक संत थे।
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Raisen News: बाबाजी के देशभर में भक्त
निरंजनी अखाड़े से सम्बद्ध श्रीराम बाबाजी का दुनिया में कोई आश्रम, परम्परा व्यवस्था से अन्य संपत्ति नहीं थी। वे आजीवन पूर्ण परमात्मा पर निर्भर परम्परा के सन्यासी रहे। इस परम्परा के आदि भगवान शिव को माना जाता है, जिनका अस्तित्व ही प्रकृति है और प्रकृति ही परमात्मा।परमहंस श्रीराम बाबा के देवलोक गमन पर समूचे भक्तमण्डल में रामजप भाव है। परमहंस श्रीराम बाबाजी सदैव शोकमुक्त, परम तत्वदर्शी सम्प्रदाय के जनक और अनंत आनंद के प्रेरक रहे हैं। उनके निर्वाण पर सभी में रामजप भाव है। हजारों की संख्या में भक्त अंतिम यात्रा में शामिल हुए ।
