Raipur voter list: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान रायपुर जिले से जो तस्वीर सामने आई है, वह लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है। एक तरफ लाखों नाम वोटर लिस्ट से हट गए, दूसरी तरफ उन्हें दोबारा जोड़ने के लिए मतदाताओं की दिलचस्पी बेहद कम नजर आ रही है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया खत्म होने में अब सिर्फ एक दिन बचा है।
Raipur voter list: 4.09 लाख से ज्यादा नाम सूची से बाहर
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में एसआईआर से पहले कुल 18 लाख 92 हजार 523 मतदाता दर्ज थे। प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद यह संख्या घटकर 13 लाख 93 हजार 446 रह गई। यानी करीब 4.09 लाख से ज्यादा नाम एक झटके में सूची से बाहर हो गए।
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Raipur voter list: ‘नो-मैपिंग’ मतदाताओं की भी बेरुखी
रायपुर जिले में 1 लाख 33 हजार से ज्यादा ‘नो-मैपिंग’ मतदाताओं को दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। पूरे प्रदेश में यह संख्या 6 लाख 40 हजार से अधिक है। इन्हें सुनवाई की तय तारीख पर जरूरी कागजात के साथ उपस्थित होना है, लेकिन इनमें से भी बड़ी संख्या अभी तक सक्रिय नहीं हुई है।
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आवेदन की स्थिति
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में नाम जुड़वाने (फॉर्म-6) के लिए 11,468 आवेदन आए हैं। नाम विलोपन (फॉर्म-7) के लिए 353 और संशोधन या स्थानांतरण (फॉर्म-8) के लिए 5,428 आवेदन दर्ज किए गए हैं। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में यह संख्या असंतुलित दिख रही है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
प्रक्रिया भी बन रही है बाधा
मतदाताओं की कम भागीदारी की एक वजह प्रक्रिया की जटिलता भी मानी जा रही है। नाम जुड़वाने के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण, घोषणा पत्र और निर्वाचन आयोग द्वारा तय 13 दस्तावेजों में से किसी एक को संलग्न करना अनिवार्य है। कई लोग इन कागजातों की व्यवस्था नहीं कर पा रहे, यही वजह है कि वे आवेदन से दूर रह रहे हैं।
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