रायपुर की सड़कों पर रविवार की शाम एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर लौट रहे बुजुर्ग दंपती की कार पर अचानक धान से लदा ट्रक पलट गया। कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं.यह हादसा रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में हुआ, जहां कार सवार पति-पत्नी और कैब ड्राइवर की जान चली गई।
सर्जरी के बाद घर लौटते समय हादसा
मृतकों की पहचान बलौदाबाजार निवासी 66 वर्षीय राजकुमार शर्मा और उनकी पत्नी पद्मा शर्मा के रूप में हुई है। उनके साथ कैब चला रहे ड्राइवर प्रवीण की भी मौके पर मौत हो गई.परिजनों के मुताबिक, राजकुमार शर्मा का इलाज रायपुर के एमएमआई अस्पताल में चल रहा था। 10 फरवरी को उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। हालत में सुधार के बाद रविवार शाम अस्पताल से छुट्टी मिली.घर लौटने की जल्दबाजी में बड़े बेटे मनोज शर्मा ने पुणे से ऑनलाइन कैब बुक की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर आखिरी साबित होगा।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार पुरानी विधानसभा के पास नरदहा इलाके में डीपीएस स्कूल के सामने पहुंची ही थी। सड़क पर स्पीड ब्रेकर होने की वजह से कार की रफ्तार कम थी.इसी दौरान पीछे से आ रहा धान से लदा ट्रक कार को ओवरटेक करने लगा। ब्रेकर पर झटका लगते ही ट्रक का लॉकिंग हुक (पट्टा) टूट गया और ट्रक असंतुलित होकर बाईं ओर चल रही कार पर पलट गया.ट्रक के साथ धान से भरी बोरियां भी कार पर आ गिरीं। ड्राइवर प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दंपती कार के भीतर बुरी तरह फंस गए।
आधे घंटे में बुझ गई जिंदगी
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद दंपती को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया.लेकिन इलाज शुरू होने के महज आधे घंटे के भीतर पति-पत्नी दोनों ने दम तोड़ दिया। यह खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस जांच में जुटी
डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने तीनों मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ट्रक पलौद के धान केंद्र से दोंदेकला जा रहा था। ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रक में लोडिंग मानक से अधिक तो नहीं थी और लॉकिंग सिस्टम में लापरवाही तो नहीं बरती गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि दंपती का बड़ा बेटा पुणे की एक एमएनसी में काम करता है, जबकि छोटा बेटा मनीष शर्मा रियल एस्टेट से जुड़ा है। पिता की सर्जरी के बाद राहत की सांस लेने वाला परिवार अब तीन जनों के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा है।
