raipur police commissioner system: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू कर दी गई है। 25 साल बाद लागू की गई इस प्रणाली के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को अलग-अलग कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक महकमे में व्यापक बदलाव भी किए गए हैं।
raipur police commissioner system: संजीव शुक्ला पहले कमिश्नर
2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस संजीव शुक्ला को रायपुर का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं 2009 बैच के अमित तुकाराम को अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई। गृह पुलिस विभाग मंत्रालय के उप सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
raipur police commissioner system: नई जिम्मेदारियां
रायपुर के एसएसपी लाल उमेद सिंह को जशपुर का नया एसपी बनाया गया।
रायगढ़ के पूर्व एसपी दिव्यांग पटेल को रायपुर का नया पुलिस अधीक्षक (रेल) नियुक्त किया गया।
जशपुर के एसपी शशिमोहन सिंह को रायगढ़ का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल को बिलासपुर रेंज भेजा गया।
अभिषेक शांडिल्य को पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज से दुर्ग रेंज में स्थानांतरित किया गया।
पुलिस उपायुक्तों की नियुक्ति
उमेश प्रसाद गुप्ता – 14वीं वाहिनी बालोद से पुलिस उपायुक्त रायपुर नगरीय
संदीप पटेल – 16वीं वाहिनी नारायणपुर से पुलिस उपायुक्त पश्चिम रायपुर
मयंक गुर्जर – 15वीं वाहिनी दंतेवाड़ा से पुलिस उपायुक्त उत्तर रायपुर
विकास कुमार – एसआईबी पुलिस मुख्यालय से पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल
राजनाला स्मृतिक – एसटीएफ बघेरा से पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर
ग्रामीण रायपुर में नियुक्तियां
श्वेता श्रीवास्तव – पुलिस अधीक्षक रायपुर रेल से पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण
ईशु अग्रवाल – नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक से पुलिस सहायक आयुक्त आजाद चौक
शामिल पुलिस थाने
रायपुर शहर: 21 थाने – सिविल लाइन, देवेंद्रनगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोलबाजार, पुरानी बस्ती, डीडीनगर, आमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, टिकरापारा, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, उरला ,खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारीडीह।
रायपुर ग्रामीण: 12 थाने – विधानसभा, धरसींवा, खरोरा, तिल्दा नेवरा, माना, मंदिर हसौद, आरंग, नवा रायपुर, राखी, अभनपुर, गोबरा नवापारा, उरला (नगर निगम से बाहर)।
ये होगा लाभ
इस नई व्यवस्था के तहत राजधानी रायपुर में अब दो अलग-अलग पुलिस प्रशासनिक ढांचे काम करेंगे शहरी क्षेत्र के लिए कमिश्नर प्रणाली और ग्रामीण क्षेत्र के लिए एसपी आधारित ढांचा। सरकार का कहना है कि इससे कानून व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
