raipur panchayati raj vikas cm vishnudev sai training: नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
raipur panchayati raj vikas cm vishnudev sai training: रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया।
पंचायती राज संस्थाओं को बताया ग्रामीण विकास की रीढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के पास बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो अकेला व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है।
संघर्ष भरे राजनीतिक जीवन का साझा किया अनुभव
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंच के रूप में की थी। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। जनता के आशीर्वाद से मुझे विधायक, सांसद और आज मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला।”
इच्छाशक्ति को बताया सफलता की कुंजी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी बड़े कार्य को करने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। उन्होंने कहा कि जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख के कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि किस तरह इन व्यक्तियों ने अपने प्रयासों से हजारों लोगों का जीवन बदल दिया।
नक्सलवाद खत्म कर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में काम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और मेहनतकश किसानों के कारण एक समृद्ध राज्य है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद राज्य के विकास में बड़ी बाधा था, लेकिन सरकार उसे समाप्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होगा।”
बस्तर के मुलेर गांव का अनुभव किया साझा
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के आदिवासियों को राशन लेने के लिए 25 किलोमीटर पैदल चलकर तीन दिन लगते थे। सरकार ने मुलेर को अलग पंचायत घोषित किया और वहां राशन दुकान शुरू कराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव से लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना विकसित छत्तीसगढ़ संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण और निरीक्षण की सलाह दी ताकि विकास कार्यों को गति मिले और प्रशासनिक कसावट बनी रहे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी महत्वपूर्ण सलाह
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि गांव की आर्थिक उन्नति के अन्य विकल्पों जैसे दुग्ध उत्पादन आदि पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं।
एक लाख सत्तर हजार लोगों को मिलेगा प्रशिक्षण
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के कुल एक लाख सत्तर हजार लोगों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से इसकी शुरुआत हो रही है।
मार्गदर्शिका और पत्रिकाओं का विमोचन, पौधरोपण भी किया
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक पी. सी. मिश्रा भी उपस्थित रहे।
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