बांग्लादेशी और रोहिग्या घुसपैठ का शक: रायपुर में ऑपरेशन समाधान’ के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में सरप्राइज चेकिंग की गई। इस दौरान दूसरे राज्यों और संभावित बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठियों से पूछताछ की गई। शुरुआती जांच में 1,000 से ज्यादा लोगों की पहचान की गई, जिनमें से लगभग 100 लोगों को संदिग्ध पाया गया।
बांग्लादेशी और रोहिग्या घुसपैठ का शक: ऑटो चालक-मजदूर भी संदिग्ध सूची में
संदिग्धों में ज्यादातर ऑटो चालक, निर्माण मजदूर और दिहाड़ी श्रमिक शामिल हैं। ये लोग मुख्य रूप से मोवा, टिकरापारा, खमतराई और उरला इलाकों में रहते हैं। पुलिस ने बताया कि इन लोगों की गतिविधियों पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी।गौरतलब है कि रायपुर पुलिस ने पिछले 11 महीनों में भी इसी तरह का अभियान चलाया था, जिसमें 224 संदिग्धों पर कार्रवाई की गई थी।
बांग्लादेशी और रोहिग्या घुसपैठ का शक: शहरभर में सरप्राइज चेकिंग
एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश में पुलिस ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। सीएसपी रैंक के अधिकारी टीमों की अगुवाई कर बीट वाइज संदिग्धों को चिन्हित कर पूछताछ कर रहे हैं।शुरुआती जांच में यह पता चला कि कई संदिग्धों के पास वैध पहचान पत्र नहीं थे। अधिकांश ने यह दावा किया कि वे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश बॉर्डर इलाकों के निवासी हैं।
कब और कैसे आए, जवाब अधूरे
संदिग्धों में से ज्यादातर यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि वे कब और किस रास्ते से रायपुर आए। कुछ ने केवल पिछले एक-दो सालों में शहर आने की बात कही, जबकि स्थायी निवास और दस्तावेजों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
मोबाइल नंबर और नेटवर्क की जांच
पुलिस ने संदिग्धों के मोबाइल नंबरों और नेटवर्क लोकेशन की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनका संपर्क किन लोगों से है और कहीं किसी संगठित नेटवर्क से तो संबंध नहीं है।
पुलिस लाइन में दस्तावेजों की जांच
सभी संदिग्धों को पुलिस लाइन लाकर उनके दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।यह अभियान रायपुर में सुरक्षा और घुसपैठ की स्थिति को लेकर शहरवासियों में चेतना और सतर्कता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
