पूरे भारत में गणेश उत्सवों के बीच कई जगहों पर पूजा पंडाल और समिति विवादित चीजों को लेकर फंस भी रहे हैं. इसी कणी में छत्तीसगढ़ के रायपुर के लाखे नगर के गणेश पंडाल और गणेश प्रतिमा के दर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
आइटम सॉन्ग पर बवाल
भगवान गणेश की AI इमेज और उसे कार्टून का स्वरूप देने के लिए जिस तरह से तकनीक का उपयोग किया गया था, वह वहां पहुंचने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा. लेकिन, यही आकर्षण बाद में विवाद बन गया. लाखे नगर गणेश समिति के खिलाफ लिखित शिकायत आजाद चौक थाने में गुरुवार को की गई थी.

जाने क्या है पूरा मामला?
आजाद चौक पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गणेश समिति के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज किया गया है. राम भक्त सी वह कुछ हिंदूवादी संगठनों की ओर से इसकी लिखित शिकायत पुलिस थाने में की गई. भक्त सेवा के प्रवक्ता खेमसागर हियाल की लिखित शिकायत के अनुसार लाखे नगर सिंधु एकता गणेश युवा समिति ने गणेश जी के स्वरूप को बदल दिया. गणेश जी के स्वरूप को कार्टून और एआई इमेज में परिवर्तित करने से हिंदू भावना आहत हुई है. इसी लिखित शिकायत के आधार पर समिति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
हिंदू संगठनों का आरोप
हिंदू संगठनों का आरोप कि पंडाल में देर रात फिल्मी और अशोभनीय गाने बजाए गए। शिकायत के बाद आजाद चौक पुलिस ने लाखे नगर गणेश समिति के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि समिति को पहले भी प्रतिमा के मूल स्वरूप में स्थापना करने के लिए कहा गया था, लेकिन भगवान के स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की गई।
