railway waiting ticket rules change : टिकट 24 घंटे पहले होगा क्लीयर, AC-स्लीपर कोच में NO ENTRY
railway waiting ticket rules change : भारतीय रेलवे ने वेटिंग टिकट से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को तगड़ा झटका दिया है। अब न तो आखिरी वक्त में राहत मिलेगी और न ही स्लीपर या AC कोच में सफर का मौका।
रेलवे के नए नियमों के अनुसार, अब वेटिंग टिकट का कन्फर्मेशन ट्रेन चलने से 24 घंटे पहले ही साफ हो जाएगा – यानी सीट है या नहीं, ये एक दिन पहले ही पता चल जाएगा।
📢 क्या है नया नियम?
अब तक ट्रेन के चलने से लगभग 4 घंटे पहले चार्ट तैयार होता था, जिसमें ये तय होता था कि किसका टिकट कन्फर्म हुआ और किसका नहीं।
लेकिन अब ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे पहले ही चार्ट बन जाएगा। इसका मतलब है कि अब वेटिंग टिकट वालों को आखिरी वक्त तक टेंशन नहीं झेलनी पड़ेगी।
➡️ शुरुआत कहां से हुई?
ये नियम फिलहाल बीकानेर डिवीजन में 6 जून से लागू हुआ है। जल्द ही इसे देशभर में लागू किया जाएगा।
🚫 वेटिंग टिकट पर अब AC और स्लीपर में सफर नहीं
रेलवे ने 1 मई 2025 से एक और बड़ा बदलाव किया है। अब अगर आपका टिकट वेटिंग में है, तो आप AC या स्लीपर कोच में यात्रा नहीं कर पाएंगे।
📍 केवल जनरल कोच में सफर की अनुमति होगी
📍 वेटिंग टिकट पर यदि कोई AC या स्लीपर में पकड़ा गया तो…
🧾 जुर्माना क्या लगेगा?
| कोच | जुर्माना |
|---|---|
| AC कोच | ₹440 |
| स्लीपर कोच | ₹250 |
इसके अलावा, आपको ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से लेकर पकड़े जाने वाले स्टेशन तक का किराया भी देना होगा।
⚠️ क्या होगा अगर टिकट कन्फर्म नहीं हुआ?
अगर आपने IRCTC से टिकट बुक किया है और वह कन्फर्म नहीं होता है, तो वह ऑटोमैटिकली कैंसल हो जाएगा। लेकिन…
🔴 काउंटर से बुक किया गया वेटिंग टिकट ऑटो कैंसल नहीं होता, इसलिए कई यात्री बिना कन्फर्मेशन के ट्रेन में चढ़ जाते हैं, जिससे सीट वाले यात्रियों को परेशानी होती है।
🔒 अब हर टिकट बुकिंग के लिए जरूरी होगा OTP वेरिफिकेशन
IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करते समय अब मोबाइल OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यह सिस्टम 1 मई 2025 से लागू हुआ है।
➡️ इसका मकसद है
- फर्जी बुकिंग रोकना
- सुरक्षा बढ़ाना
- सिस्टम का दुरुपयोग कम करना
❌ अब नहीं होगा फर्स्ट AC में फ्री अपग्रेड
21 मई को IRCTC ने एक और बदलाव किया: अब स्लीपर टिकट को फर्स्ट AC में अपग्रेड नहीं किया जाएगा, भले ही सीट खाली हो।
✅ नया अपग्रेड सिस्टम:
| टिकट क्लास | अधिकतम अपग्रेड |
|---|---|
| स्लीपर (SL) | 3AC या 2AC तक |
| 3AC | 2AC या 1AC तक |
➡️ इसका मकसद
- भीड़ को नियंत्रित करना
- सीट आवंटन में पारदर्शिता
- हायर कैटेगरी कोच में अनधिकृत भीड़ रोकना
CRIS कर रहा है सॉफ्टवेयर अपडेट
रेलवे के इन नए नियमों को तकनीकी रूप से लागू करने के लिए CRIS (Centre for Railway Information System) अपने बुकिंग सिस्टम को अपडेट कर रहा है, ताकि बदलाव रियल टाइम में असर दिखाएं।
🚂 बदलाव क्यों ज़रूरी थे?
- वेटिंग लिस्ट में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है
- रियल टाइम कन्फर्मेशन न मिलने से यात्रियों को परेशानी होती है
- कन्फर्म टिकट वालों की सीट पर वेटिंग लिस्ट यात्री यात्रा कर लेते हैं
- सिस्टम का दुरुपयोग रोकने के लिए जरूरी है पारदर्शिता
🧳 यात्रियों के लिए जरूरी सलाह:
- वेटिंग टिकट होने पर जनरल कोच में ही चढ़ें
- OTP वेरिफिकेशन को इग्नोर न करें, नहीं तो बुकिंग फेल हो सकती है
- अपग्रेड की उम्मीद सिर्फ दो क्लास ऊपर तक रखें
- IRCTC से बुकिंग करें तो कन्फर्म न होने पर पैसा ऑटो रिफंड मिलेगा
- स्लीपर-AC में चढ़ने से पहले टिकट स्टेटस ज़रूर चेक करें
Watch Now :- देश में कोरोना की वापसी! CORONA | ACTIVE CASE
Read More :-8th Pay Commission की तैयारी, जानें किस ग्रेड पे वालों की कितनी बढ़ेगी पेंशन
