राहुल गांधी का बड़ा आरोप: कांग्रेस को किया जा रहा निशाना
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने दावा किया कि चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस पार्टी के वोटर्स के नाम मतदाता सूची से डिलीट करवा रहा है, और यह एक साजिश का हिस्सा है।

राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 31 मिनट तक चली, जिसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यह केवल कांग्रेस के साथ नहीं, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ एक धोखाधड़ी है।
कर्नाटक में 6018 वोटर्स के नाम डिलीट करने की कोशिश: राहुल का दावा
राहुल गांधी ने कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान वहां 6,018 वोटर्स के नाम डिलीट करने की कोशिश की गई। उनका कहना था कि इस मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि एक बूथ-लेवल अधिकारी ने पाया कि उसके चाचा का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद जब जांच की गई, तो पता चला कि पड़ोसी ने वोट डिलीट किया था, लेकिन न तो वह व्यक्ति और न ही जिस व्यक्ति का वोट डिलीट हुआ, किसी को इसकी जानकारी थी।
राहुल ने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश एक शक्तिशाली ताकत द्वारा की गई थी, जिसने सिस्टम को हाईजैक कर दिया था। उनका कहना था कि इस घटना से साफ जाहिर होता है कि यह एक व्यवस्थित प्रयास था, जिसका उद्देश्य कांग्रेस के वोटरों को निशाना बनाना था।
गोदाबाई का नाम डिलीट किया गया: राहुल का नया खुलासा
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 63 साल की गोदाबाई का वीडियो भी दिखाया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनका नाम बिना उनकी जानकारी के डिलीट कर दिया गया था। राहुल के अनुसार, गोदाबाई के नाम से फर्जी लॉगिन बनाया गया था, और 12 अन्य वोटर्स के नाम भी उसी लॉगिन से डिलीट किए गए थे।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जिन मोबाइल नंबरों से वोट डिलीट करने का काम किया गया, वे दूसरे राज्यों से ऑपरेट हो रहे थे। उन्होंने उन नंबरों का खुलासा भी किया, जिनका इस्तेमाल करके वोटर्स के नाम हटाए गए थे।
कर्नाटक CID की जांच में चुनाव आयोग की लापरवाही: राहुल के आरोप
राहुल ने आरोप लगाया कि कर्नाटक CID ने चुनाव आयोग से कई बार जानकारी मांगी, लेकिन आयोग ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। उनका कहना था कि कर्नाटक CID ने 18 बार चुनाव आयोग को पत्र भेजे, लेकिन आयोग ने न तो आईपी एड्रेस, न ही डिवाइस पोर्ट्स और न ही OTP ट्रेल्स की जानकारी दी।

राहुल ने यह भी कहा, “यह क्यों किया जा रहा है? क्योंकि अगर हम यह जानकारी प्राप्त कर पाते, तो हम जान पाते कि यह ऑपरेशन कहां से चल रहा है और कौन इसके पीछे है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर ‘वोट चोरों’ की मदद कर रहे हैं और देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं।
चुनाव आयोग का खंडन: आरोप झूठे और निराधार
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि कोई भी आम नागरिक ऑनलाइन किसी का वोट डिलीट नहीं कर सकता। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम डिलीट करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है। आयोग ने यह भी कहा कि उनके द्वारा कोई भी सिफारिश या पक्षपाती कार्रवाई नहीं की गई है।
राहुल गांधी ने दिया युवाओं को संदेश
चुनाव आयोग के खंडन के बावजूद, राहुल गांधी ने अपनी बात जारी रखते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “देश की Gen Z, देश के युवा और छात्र संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। मैं उनके साथ हमेशा खड़ा हूं। जय हिंद!”
