SCO में मोदी-जिनपिंग के साथ दिखी एकजुटता!

बीजिंग: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चेतावनी दी है कि वे भारत और चीन को टैरिफ के नाम पर धमकाना बंद करें। पुतिन ने कहा कि दोनों देश उनकी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। अगर वे झुकते हैं, तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।
पुतिन का बयान: भारत-चीन का इतिहास हमलों से भरा है
पुतिन ने चीन की विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा: भारत और चीन का इतिहास हमलों से भरा है। अगर इन देशों का कोई नेता कमजोरी दिखाएगा, तो उसका राजनीतिक करियर खत्म हो सकता है।
उन्होंने कहा: ट्रम्प, भारत या चीन से इस तरह से बात नहीं कर सकते। औपनिवेशिक युग अब खत्म हो चुका है। अमेरिका को समझना होगा कि वह अपने पार्टनरों से ऐसी भाषा में बात नहीं कर सकता।
ट्रम्प का टैरिफ हथियार: जादुई हथियार है टैरिफ
ट्रम्प ने टैरिफ को जादुई हथियार बताया है। उन्होंने कहा: इस नीति की वजह से अमेरिका को ताकत मिलती है। इसके जरिए मैंने 7 जंग रोकी हैं।

लेकिन पुतिन ने ट्रम्प के रवैये को पुराना और रूढ़िवादी बताया है।
SCO में मोदी-जिनपिंग के साथ दिखी एकजुटता
SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और पुतिन एक साथ नजर आए। तीनों नेताओं ने आपसी दोस्ती का प्रदर्शन किया, जिससे अमेरिका को बेचैनी हुई।
मोदी ने रूस को विश्वसनीय साझेदार बताया, जबकि जिनपिंग ने कहा कि दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों को दोस्त होना चाहिए।
मोदी-पुतिन की गोपनीय बातचीत
SCO समिट के बाद मोदी और पुतिन ने गोपनीय बातचीत की। पुतिन ने मोदी को अपनी लग्जरी कार AURUS लिमोजिन में बैठाया और 50 मिनट तक बातचीत की।
मॉस्को के राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस बातचीत में गोपनीय मुद्दे शामिल थे, जिन पर सार्वजनिक रूप से बात नहीं की जा सकती।
ट्रम्प के सलाहकार का बयान: मोदी को पुतिन-जिनपिंग के साथ देखना शर्मनाक
ट्रम्प के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने मोदी की रूस और चीन के नेताओं के साथ नजदीकियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा: मोदी का शी जिनपिंग और पुतिन के साथ खड़ा होना शर्मनाक है। हमें उम्मीद है कि वे समझेंगे कि उन्हें रूस की बजाय हमारे साथ होना चाहिए।
भारत पर 50% अमेरिकी टैरिफ
ट्रम्प ने भारतीय प्रोडक्ट्स पर 50% टैरिफ लगाया है। उनका आरोप है कि भारत रूसी तेल खरीदकर खुले बाजार में बेच रहा है, जिससे पुतिन को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है।

लेकिन भारत ने इस आरोप को खारिज किया है। भारत सरकार का कहना है कि वे किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने किसानों और लोगों के हित में कदम उठाएंगे।
भारत-चीन-रूस की एकजुटता और अमेरिका का दबाव
पुतिन का यह बयान भारत-चीन-रूस की एकजुटता को मजबूत करता है। ट्रम्प के टैरिफ हथियार के बावजूद, भारत और चीन अपने हितों की रक्षा कर रहे हैं।
Watch:- US ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया
