Pushkar Singh Dhami border visit : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सीमांत क्षेत्रों का दौरा करते हुए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और कहा कि सीमाओं पर बसने वाले लोगों का जीवन बेहतर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन इलाकों में सुविधाओं की कमी है, वहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी।
सीमांत गांवों की आवाज सुनी गई
मुख्यमंत्री धामी पिथौरागढ़ जिले के व्यास घाटी और धारचूला क्षेत्र के कई सीमावर्ती गांवों में पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं—चिकित्सा सुविधा की कमी, टूटी सड़कों और शिक्षा के सीमित साधनों पर चिंता प्रकट की। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें सुनीं और कहा कि सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोग हमारी सीमा सुरक्षा के अभिन्न अंग हैं।
सड़क नेटवर्क होगा ‘लाइफलाइन’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार सीमांत गांवों तक सड़क पहुंच को प्राथमिकता के साथ विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में धारचूला से लेकर गुंजी, नाबी और कुटी गांव तक आधुनिक सड़कें बनाई जाएंगी। साथ ही, बर्फबारी और भूस्खलन से प्रभावित मार्गों को वैकल्पिक संपर्क मार्गों से जोड़ा जाएगा।
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स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत अस्पतालों को टेलीमेडिसिन की सुविधा से जोड़ा जाएगा जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह हर गांव तक पहुंचे। मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को भी सीमांत सड़कों पर भेजा जाएगा जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत उपलब्ध हों।
शिक्षा और रोजगार के नए अवसर
सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों को स्मार्ट क्लासेज से जोड़ा जाएगा और तकनीकी शिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इसके साथ ही, स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं जैसे जैविक खेती, हैंडीक्राफ्ट और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि पलायन पर रोक लगे।
ग्रामीणों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री के संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। स्थानीय लोगों ने अपने गांवों के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि इस दौऱे से सीमांत इलाकों में विकास की नई रोशनी पहुंचेगी।
