Punjab politics: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पार्टी सांसद राघव चड्ढा को लेकर बड़ा बयान देते हुए उन्हें “कम्प्रोमाइज्ड” करार दिया है। यह बयान चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाये जाने के एक दिन बाद आया है। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट कहा कि पार्टी के सिद्धांतों और लाइन से हटकर काम करने वाले किसी भी नेता के खिलाफ कार्रवाई तय है।
परिणाम भुगतने पड़ते हैं, बोले सीएम मान
सीएम मान ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में अनुशासन सर्वोपरि होता है। यदि कोई नेता पार्टी की तय नीति और मुद्दों से हटकर बयान देता है या काम करता है, तो उसे परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि संसद में पार्टी जिन मुद्दों को प्राथमिकता देती है, उनसे इतर बात करना सवाल खड़े करता है। सीएम मान के मुताबिक, यह कदम कोई असामान्य नहीं है, बल्कि पार्टियों में नेतृत्व में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है।

‘समोसे-पिज्जा’ टिप्पणी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री मान ने चड्ढा के संसद में उठाए गए कुछ मुद्दों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब पार्टी किसानों के मुद्दे, एमएसपी और केंद्र के खिलाफ संघर्ष जैसे गंभीर विषयों पर ध्यान दे रही हो, तब हल्के मुद्दों को उठाना पार्टी की प्राथमिकताओं से मेल नहीं खाता। दूसरी ओर, चड्ढा ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें “चुप कराया गया है, हराया नहीं गया।” इससे साफ है कि पार्टी के भीतर मतभेद अभी थमने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।
AAP में बढ़ते दिख रहे अंदरूनी तनाव के संकेत
राज्यसभा में पद से हटाने और उसके बाद दिए गए बयानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि AAP के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी की आंतरिक राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
