
चंडीगढ़ में DIG की कोठी से निकला भ्रष्टाचार का खजाना
भारत में जब एक आम आदमी थाने के नाम से डरता है, तब सोचिए क्या बीतती है उस पर जब एक DIG स्तर का अधिकारी ही कानून को हथियार बना लेता है। पंजाब पुलिस के DIG हरचरण सिंह भुल्लर की कहानी, केवल एक अफसर के गिरने की नहीं है, यह उस सिस्टम की दरकती परतें दिखाती है जिस पर हम भरोसा करते हैं।
रिश्वत की मांग और CBI का ट्रैप
स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता के लिए यह एक आम दिन नहीं था, जब उसने CBI से संपर्क किया।

DIG ने 8 लाख की रिश्वत मांगी, धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए, तो पुराने केस की चार्जशीट दोबारा खोल देंगे और नया फर्जी केस भी बना देंगे।
CBI ने बिचौलिए कृष्नु को रंगेहाथ 8 लाख लेते पकड़ा, और फिर DIG को उसी जाल में फंसाया जिसमें वो दूसरों को फंसाता था।
जब DIG ने खुद फोन पर रिश्वत मांगने की बात मानी, तो CBI ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
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कोठी से निकली ‘करोड़ों की कहानी’
चंडीगढ़ के सेक्टर-40 की कोठी जब खोली गई, तो सिर्फ दरवाजे नहीं खुले भ्रष्टाचार का सच भी सामने आया।
- ₹5 करोड़ कैश तीन बैग और एक अटैची में भरा हुआ
- विदेशी शराब, लग्जरी घड़ियां, रिवॉल्वर, और भारी मात्रा में जूलरी
- 15 प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियों के डॉक्यूमेंट्स
CBI को नोट गिनने के लिए तीन मशीनें मंगवानी पड़ीं, यह सीन किसी फिल्म का हिस्सा लग रहा था but this is real India.

नाम, रसूख और सत्ता की चमक
हरचरण सिंह भुल्लर सिर्फ एक IPS अफसर नहीं हैं। वो 2007 बैच के अधिकारी हैं, जिनके पिता पंजाब के DGP, और भाई पूर्व MLA रहे हैं। राजनीति और अफसरशाही दोनों की पकड़ ने शायद उन्हें बचाए रखा… अब तक।

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