मुस्लिम महिलाओं ने पढ़ी नमाज़, विरोध-प्रदर्शन हुए तेज
शनिवारवाडा नमाज़ विवाद: पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाडा किले में मुस्लिम महिलाओं के नमाज़ अदा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विवाद और विरोध-प्रदर्शन भड़क गए। रविवार को बीजेपी की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी के नेतृत्व में सैकड़ों हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शनिवारवाडा पहुंचे और गोमूत्र छिड़ककर जगह का शुद्धिकरण किया। प्रदर्शनकारियों ने “शनिवारवाडा हमारा है” जैसे नारे लगाए।

शनिवारवाडा नमाज़ विवाद: शुद्धिकरण के बाद पुलिस ने बलप्रयोग कर स्थिति संभाली
प्रदर्शनकारियों ने किले के बाहर हजरत ख्वाजा सय्यद दरगाह के पास भी विरोध जताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बलप्रयोग कर उनकी रोकथाम की। पुलिस उपायुक्त कृष्णकेश रावले ने बताया कि शनिवारवाडा एएसआई के संरक्षण में है और मामले की जांच की जाएगी।
शनिवारवाडा नमाज़ विवाद: महायुति गठबंधन में भी विवाद, डिप्टी सीएम ने किया निंदा
इस विवाद पर महायुति गठबंधन के भीतर भी मतभेद दिखाई दिए। एनसीपी के डिप्टी सीएम अजित पवार ने मेधा कुलकर्णी के कदम की निंदा करते हुए BJP और हिंदू संगठनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग की। NCP प्रवक्ता रूपाली पाटिल ने कहा कि शनिवारवाडा पूरे पुणे का सांस्कृतिक प्रतीक है और इसे किसी एक समुदाय का नहीं माना जाना चाहिए।
शनिवार वाड्यात नमाज पठण चालणार नाही, हिंदू समाज आता जागृत झाला आहे ! 🚩🚩
🚩चलो शनिवार वाडा! 🚩
रविवार, 19 ऑक्टोबर 2025
📍 शनिवार वाडा, कसबा पोलीस चौकीसमोर
🕓 सायंकाळी 4 वाजता
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🔥 पुण्याचे वैभव – शनिवार वाडा
ऐतिहासिक वारसा स्थळ की गैर हिंदू प्रार्थना स्थळ?
सारसबाग येथे… pic.twitter.com/EObcXMZ6Rt— Dr. Medha Kulkarni (@Medha_kulkarni) October 19, 2025
शनिवारवाड़ा का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व
शनिवारवाड़ा किला पेशवाओं द्वारा 1736 में निर्मित एक 13-मंजिला महल था, जो पेशवा शक्ति का केंद्र था। 1828 में आग लगने के बाद केवल इसकी विशाल दीवारें और कीलों से सजी दीवारें बची हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने याद दिलाया कि मस्तानी भी शनिवारवाडा में आई थीं और मंदिर के बाहर स्थित दरगाह का विरोध करना संदेहास्पद है।
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