Provident Fund: रायपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने छत्तीसगढ़ के उन संस्थानों की सूची जारी की है, जिन पर बड़ी मात्रा में पीएफ का बकाया है। बुधवार को जारी की गई इस सूची में 65 कंपनियां शामिल हैं, जिन पर कुल 11.24 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। इन संस्थानों के खिलाफ अब सख्त वसूली कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Provident Fund: केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रंगनाथ को सौंपी
सबसे बड़ा बकायेदार रायपुर स्थित बीएसआर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है, जिस पर अकेले 6 करोड़ रुपये से अधिक का पीएफ बकाया है। EPFO ने बकाया वसूली की जिम्मेदारी अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रंगनाथ को सौंपी है।
Provident Fund: गिरफ्तारी जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते
संगठन ने इस साल अब तक 65 संस्थानों के बैंक खाते अटैच करके करीब 49 करोड़ रुपये की वसूली पहले ही कर ली है। इसके साथ ही, EPFO अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बाकी संस्थान भी समय पर बकाया राशि नहीं चुकाते हैं, तो उनके बैंक खाते सील, संपत्तियों की कुर्की, और गिरफ्तारी जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
Provident Fund: उनका भविष्य सुरक्षित रह सके
इस संबंध में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त जयवदन इंगले ने कहा कि EPFO अपने सदस्यों यानी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो नियोक्ता कर्मचारियों की पीएफ राशि समय पर जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी, ताकि कर्मचारियों को उनका हक मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
पीएफ खातों में नहीं पहुंच रहा था
Provident Fund: EPFO की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि बकाया रखने वाले संस्थानों को अब लापरवाही भारी पड़ सकती है। यह कदम उन हजारों कर्मचारियों के हित में उठाया गया है, जिनकी गाढ़ी कमाई का पैसा समय पर पीएफ खातों में नहीं पहुंच रहा था।
भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए EPFO निगरानी और वसूली की प्रक्रिया को और भी अधिक सख्त करने की तैयारी में है।
