President Murmu Travels in INS Vaghsheer Submarine: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्नाटक के कारवार नेवल बेस पर उन्होंने कलवरी क्लास की अत्याधुनिक पनडुब्बी INS वाघषीर में यात्रा की और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया. इस यात्रा के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू पनडुब्बी में बैठने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति बन गईं। उनसे पहले यह सम्मान केवल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को मिला था ।
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नौसेना की वर्दी और नेतृत्व का संदेश
राष्ट्रपति जब नौसेना की वर्दी पहनकर INS वाघषीर में दाखिल हुईं तो वह दृश्य सिर्फ तस्वीरों तक सीमित नहीं रहा । यह संदेश साफ था कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति भी सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहे. उन्होंने पनडुब्बी की क्षमताओं, संचालन प्रणाली और सुरक्षा पहलुओं की जानकारी दी।
INS वाघषीर क्यों है खास
INS वाघषीर, प्रोजेक्ट 75 स्कॉर्पीन के तहत बनी छठी और अंतिम पनडुब्बी है. इसे इसी साल जनवरी में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था । यह पनडुब्बी आधुनिक तकनीक स्टील्थ क्षमता और लंबी दूरी तक निगरानी की ताकत से लैस है।
कलवरी क्लास की इन पनडुब्बियों को भारत की समुद्री सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है. INS वाघषीर का नौसेना बेड़े में शामिल होना हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करता है।
President Murmu Travels in INS Vaghsheer Submarine: कलाम से जुड़ती विरासत
जब भी राष्ट्रपति और विज्ञान की बात होती है डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नाम अपने आप सामने आ जाता है. 2006 में उनकी पनडुब्बी यात्रा को आज भी साहस और जिज्ञासा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखी।
