Premanand Maharaj: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को वृंदावन स्थित केलीकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने महाराज जी से आशीर्वाद लिया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

महापुरुष तो भगवान के स्वरूप होते हैं
प्रेमानंद महाराज ने स्वास्थ्य संबंधी पूछताछ पर सहज भाव से कहा, “शरीर बीमार है, लेकिन हृदय से बात करूंगा।” इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने आदरपूर्वक उत्तर दिया, “यह तो आपकी लीला है, महापुरुष ऐसे ही करते हैं।
” उन्होंने आगे कहा, “आपकी तरह हम भी कहते रहते हैं कि यह बुढ़ापे का शरीर है, लेकिन असल में आपको कोई रोग नहीं है। यह सब आपकी दिव्य लीला है। महापुरुष तो भगवान के स्वरूप होते हैं, उनका हर कार्य लीला ही होता है।”
उनकी मति सदैव धर्ममार्ग पर अडिग रहे
शास्त्री जी ने कहा कि आपके दर्शन से आत्मा को आनंद की अनुभूति हुई। आप सदैव यात्रा में रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा गुरुजी, निर्मोही अखाड़ा के संत केशव जी, अपने अंतिम समय में उन्हें एक “पोटली” सौंप गए थे।
इसी आध्यात्मिक धरोहर के कारण वे आज संतों तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि महापुरुषों की कृपा बनी रहे और उनकी मति सदैव धर्ममार्ग पर अडिग रहे।
Premanand Maharaj: दिल्ली से वृंदावन तक पैदल यात्रा करेंगे
मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने पूछा कि वृंदावन में कितने दिन रुकेंगे। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि वे कल तक यहीं रहेंगे, क्योंकि ‘सनातन एकता पदयात्रा’ को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस यात्रा के अंतर्गत वे दिल्ली से वृंदावन तक पैदल यात्रा करेंगे।
