Pregnancy Care Tips: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं और उनके आसपास मौजूद लोगों को बहुत ध्यान रखना चाहिए। शुरुआती प्रेग्नेंसी में हर महिने चेकअप करवाएं। उनके खान-पान से लेकर उनके सेहत पर विशेष ध्यान दें। प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ लक्षण को नजर अंदाज न करें , जैसे – प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग, वाटर ब्रेक होना, बच्चे का मूमेंट न करना ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, इसमें जरा भी देरी हुई तो मां और बच्चे दोनों को समस्या हो सकती है, कई बार मिसकैरिज का भी खतरा होता है। आइए जानते किन लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।
इन लक्षणों को भूलकर न करें इग्नोंर
ब्लीडिंग होना
प्रेग्नेंट महिला को अपना हमेशा ध्यान रखना चाहिए, अगर प्रेग्नेंसी कंफर्म होने के बाद अगर ब्लीडिंग या स्पॉटिंग नजर आए तो खतरें की घंटी हो सकती है। ऐसा होने पर संकेत देता है कि या तो बच्चे की ग्रोथ रुक गई है, या बच्चा नॉर्मल नहीं है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। हर महिने चेकअप भी कराएं।

समय से पहले वाटर ब्रेक होना
गर्भ में बच्चा एम्नियोटिक फ्लूइड में सुरक्षित रहता है, जो उसकी ग्रोथ के लिए जरूरी होता है। अगर समय से पहले वाटर ब्रेक हो जाए, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है और बच्चे का समय से पहले जन्म होने की संभावना भी रहती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बच्चे की मूवमेंट कम होना
28 हफ्तों के बाद बच्चे की हलचल साफ महसूस होने लगती है। अगर अचानक बच्चे की मूवमेंट कम लगे या बिल्कुल महसूस न हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह बच्चे की सेहत से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
ब्लड शुगर का ज्यादा या कम होना
प्रेगनेंसी में कई महिलाओं को शुगर लेवल से जुड़ी समस्या हो सकती है, जिसे गेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। ऐसे में ब्लड शुगर का अचानक बढ़ना या कम होना बच्चे के विकास पर असर डाल सकता है। इसलिए नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है।
इन लक्षणों के दिखते ही लें डॉक्टर की सलाह

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