प्रज्वल रेवन्ना को कोर्ट ने माना रेप का दोषी
हम अक्सर सोचते हैं कि सत्ता, पैसा और रसूख के आगे न्याय की आवाज कहीं दब जाती है। लेकिन कभी-कभी न्याय इतना मजबूत होता है कि सबसे ताकतवर चेहरे भी बेनकाब हो जाते हैं पूर्व JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना का नाम आज भारत की राजनीति में अपराध के उस काले अध्याय का हिस्सा बन गया है, जिसे लोग सालों तक याद रखेंगे।बेंग लुरु की स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें मेड से रेप के मामले में दोषी करार दिया। सजा का ऐलान शनिवार को होगा।

जब कोर्ट ने फैसला सुनाया, तो प्रज्वल बाहर निकलते वक्त रोते नजर आए लेकिन उस मेड की आंखों में शायद अब भी वो आंसू ताजा होंगे, जो उसने चुपचाप सहकर बहाए थे।
क्या था मामला?
यह मामला किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या झूठे आरोप का नहीं, बल्कि एक महिला घरेलू सहायिका के बार-बार शोषण का था। अप्रैल 2024 में FIR दर्ज कराई गई थी। पीड़िता ने कहा कि 2021 से कई बार रेप किया गया। हर बार उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चुप कराया गया। घटना उस फार्महाउस पर हुई थी, जो रेवन्ना के परिवार की संपत्ति है। रेप के बाद वीडियो बनाकर डराना, किसी इंसान के साथ नहीं, इंसानियत के साथ बलात्कार है। कोर्ट ने इस मानसिक और शारीरिक शोषण को गंभीर अपराध मानते हुए फैसला सुनाया।
राजनीति, परिवार और दबाव लेकिन कानून झुका नहीं
प्रज्वल रेवन्ना कोई मामूली शख्स नहीं हैं JDS पार्टी के सांसद रह चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के परिवार से हैं। कई वर्षों से कर्नाटक की राजनीति में मजबूत पकड़। लेकिन कोर्ट में नाम नहीं, काम का हिसाब होता है। रेवन्ना की पहचान चाहे कितनी भी बड़ी रही हो, इस केस में कानून की नजर में वह सिर्फ एक आरोपी थे और अब दोषी।
पीड़िता की लड़ाई: एक मेड, एक सच और हिम्मत
हमारे समाज में घरेलू सहायिकाएं अक्सर सबसे कमजोर वर्ग में आती हैं। वो लोग जिनकी आवाजें दबा दी जाती हैं “चुप रहो, नौकरी चली जाएगी”, “कोई तुम्हारी बात नहीं मानेगा।” लेकिन इस महिला ने न सिर्फ सच बोला, बल्कि पूरा सिस्टम उसके खिलाफ होने के बावजूद इंसाफ के लिए लड़ती रही। उसकी हिम्मत ने आज साबित कर दिया कि सच की उम्र लंबी होती है।
समाज के लिए क्या संदेश है?
इस केस का संदेश सिर्फ प्रज्वल रेवन्ना तक सीमित नहीं है। यह उन सभी ताकतवरों के लिए चेतावनी है, जो समझते हैं कि सत्ता उन्हें कानून से ऊपर कर देती है। महिलाओं की चुप्पी उनके अपराध का कवच बन सकती है। रसूख के दम पर वो कभी बेनकाब नहीं होंगे। लेकिन अब देश बदल रहा है पीड़िता की आवाज इंटरनेट से लेकर कोर्ट तक पहुंच रही है, और कानून अब सिर्फ किताबों में नहीं, अदालतों में लागू भी हो रहा है।
अब आगे क्या?
शनिवार को कोर्ट सजा का ऐलान करेगी। धारा 376 (रेप), 506 (धमकी देना) और IT एक्ट के तहत अधिकतम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा संभव है।
रेवन्ना के वकील ने कहा कि वे “फैसले के खिलाफ अपील करेंगे,” लेकिन पहला झटका तो लग चुका है।
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