Praggnanand Tata Steel Masters 2025: भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रगनानंद ने रविवार को टाटा स्टील मास्टर्स 2025 चेस टूर्नामेंट में वर्ल्ड चेस चैंपियन डी. गुकेश को टाईब्रेक मुकाबले में हराकर खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ, प्रगनानंद विश्वनाथन आनंद के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय बने। आनंद ने 1989 से लेकर 2006 तक पांच बार इस खिताब को जीता था, जिसमें तीन बार वे संयुक्त विजेता भी रहे थे।
Praggnanand Tata Steel Masters 2025: टाईब्रेक में प्रगनानंद का शानदार प्रदर्शन..
नीदरलैंड्स के विज्क आन जी में आयोजित हुए इस टूर्नामेंट के अंतिम दिन, दोनों खिलाड़ियों को अपने-अपने अंतिम मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। गुकेश ने अर्जुन एरिगेसी से और प्रगनानंद ने जर्मन ग्रैंडमास्टर विन्सेंट कीमर से हार हासिल की। हालांकि, दोनों ने 8.5-8.5 अंक हासिल किए और 13 राउंड के बाद टाईब्रेक में उनके बीच विजेता का फैसला किया गया। टाईब्रेक में प्रगनानंद ने शानदार वापसी करते हुए गुकेश को मात दी और खिताब अपने नाम किया।

टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा
टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट की शुरुआत 1938 में हुई थी और यह हर साल जनवरी में आयोजित होता है। इसे शुरुआत में हूगोवेन्स टूर्नामेंट के नाम से जाना जाता था। इसका तीन बार नाम बदला और 2011 से इसे टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट से जाना जाने लगा। यह विश्व चेस के टॉप-14 खिलाड़ियों का एक राउंड-रॉबिन इवेंट है, जिसमें हर खिलाड़ी एक-दूसरे से मुकाबला करता है। 13 राउंड के बाद अगर कोई दो खिलाड़ी समान अंक के साथ शीर्ष पर रहते हैं, तो टाईब्रेक मुकाबले के जरिए विजेता का चयन किया जाता है।
Praggnanand Tata Steel Masters 2025: प्रगनानंद 2016 में बन गये थे इंटरनेशनल मास्टर
प्रगनानंद तमिलनाडु के रहने वाले हैं और उनका जन्म 10 अगस्त 2005 को हुआ था। 2016 में 10 साल की उम्र में उन्होंने शतरंज के सबसे युवा इंटरनेशनल मास्टर बनने का रिकॉर्ड दर्ज किया था।
गुकेश का शानदार सफर
18 साल के डी. गुकेश ने 2024 में सिंगापुर में वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने चीन के डिंग लिरेन को 7.5-6.5 से हराया और 18 साल की उम्र में इस खिताब को जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। इससे पहले 1985 में रूस के गैरी कैस्परोव ने 22 साल की उम्र में यह खिताब जीता था। गुकेश ने 2024 के चेस ओलंपियाड में भी भारत को खिताबी जीत दिलाई थी। उन्हें जनवरी में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

आपको बता दें कि गुकेश डी का पूरा नाम डोम्माराजू गुकेश है। गुकेश का जन्म चेन्नई में 7 मई 2006 में हुआ था। उन्होंने 7 साल की उम्र से ही शतरंज खेलना शुरू कर दिया था।
