Pradosh Vrat kab Hai: हिंदू धर्म हर दिन का विशेष महत्व होता है ऐसे ही महिने में प्रदोष व्रत आता जिसका हिंदू में विशेष महत्व है। यह व्रत हर महिने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करते है। इससे भगवान प्रसन्न होते हैं, उनकी कृपा उनके भक्तो पर बनी रहती है।
Pradosh Vrat kab Hai: क्या है इस व्रत का महत्व?
प्रदोष व्रत का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत हर महीने आता है। यह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत आता है। इस दिन भक्त व्रत रहते हैं, सुबह स्नान करके भगान की पूजा करते है, इस दिन माता पार्वती की भगवान शंकर के साथ पूजा करते हैं।
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Pradosh Vrat kab Hai: कब है शुभ मुहूर्त ?
साल 2026 में पहला व्रत गुरुवार के दिन पड़ेगा। इस व्रत को करने से जीवन सुखमय व्यतीत होता है। आप पर भगवान की कृपा बनी रहती है। ऐसे में भक्त इस दिन व्रत रहते फिर शुभ मुहूर्त में भगवान शिवजी और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
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2026 में पहला प्रदोष व्रत 1 जनवरी को पड़ेगा। इस दिन की शुरुआत प्रदोष काल 4 बजकर 55 मिनट से लेकर 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में शिव जी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे आप पर भगवान की कृपा बनी रहेगी।
कैसे करें पूजा? जानिए विधि
प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन 1 जनवरी को है इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद साफ सुथरे वस्त्र पहने और गंगाजल से घर के मंदिर में छिड़काव करें। फिर एक चौकी में साफ कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर रखे फिर गंगाजल, दूध, दही, शहद से रुद्राभिषेक करें और बेलपत्र, फूल, अक्षत , चंदन , दीप – धूप आदि आर्पित करें। इस दिन भगवान भोलेनाथ का भजन करें ‘ओम नम: शिवाय’ मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इसके बाद भगवान शिवजी और माता – पार्वती की सच्चे मन से आरती करनी चाहिए।
