विधायक ने अधिकारियों पर निकाला गुस्सा
सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में विधायक राधेश्याम बेरवा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से शहर की बिगड़ी बिजली व्यवस्था पर सवाल किए। जब अधिकारी लोगों की समस्याओं और बिजली कटौती के कारणों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, तो विधायक भड़क गए। उन्होंने बारां विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता नरेंद्र कुमार बुलोटिया पर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया। गुस्से में विधायक ने टेबल पर अपनी डायरी फेंक दी, जिससे बैठक में तनाव का माहौल बन गया। विधायक ने अधिकारियों पर समय रहते बिजली लाइनों को दुरुस्त न करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण जनता को परेशानी हो रही है और सरकार की छवि खराब हो रही है।

Baran Power Crisis: बिजली विभाग की लापरवाही
बैठक में विधायक ने बताया कि बिजली विभाग ने रखरखाव के नाम पर कोई ठोस काम नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के लिए आवंटित करोड़ों रुपये का हिसाब नहीं है, और लाइन मेंटेनेंस का कार्य न के बराबर हुआ है। बारां शहर में बिजली की समस्या गर्मी के समय से ही चली आ रही है, और बारिश के मौसम में फाल्ट की संख्या और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती और फाल्ट्स के कारण रात में अंधेरे में रहना पड़ता है, और बिजली विभाग की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं होती। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
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विधायक ने दिए सख्त निर्देश
Baran Power Crisis: MLA राधेश्याम बेरवा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिजली व्यवस्था को तुरंत सुधारें और जनता की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में चीफ इंजीनियर गजेंद्र सिंह बेरवा और अन्य अधिकारियों को भी खरी-खोटी सुनाई गई। विधायक ने जोर देकर कहा कि बिजली आपूर्ति को सुचारु करना और बार-बार होने वाले फाल्ट्स को रोकना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने विधायक के इस कदम की सराहना की है, लेकिन साथ ही मांग की है कि बिजली विभाग जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए ताकि शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

सुमरन सिंह की रिपोर्ट
