पूनम पांडे नहीं बनेंगी मंदोदरी! लव-कुश रामलीला से हटाई गईं
poonam pandey controversy: दिल्ली की लाल किले पर होने वाली ऐतिहासिक लव-कुश रामलीला में अभिनेत्री पूनम पांडेय को मंदोदरी का रोल दिए जाने का विवाद अब खत्म हो गया है। साधु-संतों और हिंदू संगठनों के तीव्र विरोध के बाद आयोजकों ने पूनम को रामलीला से बाहर करने का फैसला ले लिया है।

क्या था मामला?
पूनम पांडेय को रामलीला में रावण की पत्नी मंदोदरी की भूमिका निभानी थी, उनके चयन पर बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद और कई साधु-संतों ने आपत्ति जताई आरोप: पूनम की पूर्व छवि, सोशल मीडिया पोस्ट और विवादित कंटेंट धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है
आयोजकों ने क्या कहा?
लव-कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा हम पूनम पांडे को हटाने के लिए मजबूर हुए। उन्होंने व्रत रखा था, वह बहुत उत्साहित थीं, लेकिन अगर लोग ही बंटने लगें तो रामलीला का उद्देश्य खत्म हो जाता है।
हमें भगवान राम के जीवन से सीख लेकर समाज को एकजुट रखना है, इसलिए पूनम को हटाना ही बेहतर था।
विरोध क्यों हुआ?
संत समाज की प्रतिक्रियाएं
- स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती (अखिल भारतीय संत समिति) रामलीला में कलाकारों की पृष्ठभूमि पवित्र होनी चाहिए
- जगतगुरु बालक देवाचार्य (पातालपुरी मठ) मंदोदरी पंचकन्या हैं, उनका किरदार बहुत मर्यादित है
- कंप्यूटर बाबा पूनम को मंदोदरी नहीं, शूर्पणखा का रोल देना चाहिए था
बीजेपी और VHP ने किया समर्थन
BJP नेता प्रवीण शंकर कपूर (मीडिया प्रमुख) यह फैसला धार्मिक भावनाओं का सम्मान है। कमेटी ने समाज की भावनाओं को समझा और सही निर्णय लिया। VHP दिल्ली प्रांत सचिव सुरेंद्र गुप्ता हम किसी कलाकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन धार्मिक मंच की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है।

पूनम पांडे की प्रतिक्रिया
उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर मंदोदरी का रोल मिलने पर खुशी जताई थी कहा था:
“यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है, मैं आभारी हूं लेकिन विवाद के बाद अभी तक उनकी ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है
आयोजकों ने पहले क्या कहा था?
अर्जुन कुमार पहले पूनम का समर्थन कर चुके थे, कहा था हर किसी को मौका मिलना चाहिए, पूनम सिर्फ एक कलाकार हैं उम्मीद जताई थी कि “रामलीला में हिस्सा लेने से उनका मन भी बदलेगा”
