Police brutality: भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर उदित गायकी की मौत पुलिस पिटाई से हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि उसकी मृत्यु ट्रॉमा अटैक और पेनक्रियाज डैमेज के कारण हुई। पिटाई से शरीर के अंदरूनी अंगों को गहरी चोट पहुंची थी। इस मामले में पिपलानी थाने के दो आरक्षकों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन अब तक उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

कान और सिर के पीछे की जगह शामिल
Police brutality: घटना गुरुवार देर रात की है जब पुलिसकर्मियों ने रात करीब डेढ़ बजे उदित की पिटाई की। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक पुलिसवाला उदित को पेट के पिछले हिस्से में डंडे से मार रहा है। उदित के दोस्त उसे एम्स अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम में शरीर पर 16 गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिनमें आंख, माथा, कमर, पेट, कंधे, कान और सिर के पीछे की जगह शामिल हैं।
हां उसकी मौत की पुष्टि हुई
उदित के दोस्त अक्षत ने बताया कि जब वे पुलिस से बात करने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिसकर्मियों ने 10 हजार रुपए की मांग की थी। उदित को कार में बैठाने के बाद वह उल्टियां करता रहा और रास्ते में उसकी हालत बिगड़ती गई। पुलिस चौकी में पहचान के पुलिसवालों से मदद मांगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत की पुष्टि हुई।
एक छोटी बहन है जो पढ़ाई कर रही
उदित के पिता राजकुमार गायकी सूखी सेवनिया में इंजीनियर हैं और उसकी मां शिक्षिका हैं। उदित परिवार का इकलौता बेटा था और तीन दिन पहले ही बेंगलुरु से दस्तावेज लेने भोपाल आया था। उसकी एक छोटी बहन है जो पढ़ाई कर रही है।
Police brutality: 5 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की
इस घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को पिपलानी थाने में प्रदर्शन किया और हत्या की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे भी शामिल हुए। उन्होंने इस घटना को प्रदेश के लिए शर्मनाक बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
परिजन न्याय की मांग कर रहे
डीसीपी विवेक सिंह का कहना है कि मामले की जांच जारी है, लेकिन दोनों पुलिसकर्मियों ने पिटाई की बात कबूल की है। उनका दावा है कि पिटाई इतनी नहीं थी कि किसी की मौत हो जाए। फिलहाल मामला तूल पकड़ता जा रहा है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
