poisonous cough syrup case SIT arrest :मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप कांड में SIT ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए श्रीसन फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को गिरफ्तार किया है। यह छठी गिरफ्तारी है जो इस मामले में हुई है। सतीश वर्मा पर आरोप है कि उसने डॉक्टरों को कमीशन देकर जहरीली दवाइयां लिखवाने में मदद की।
जांच की जानकारी
SIT के अधिकारी जितेंद्र सिंह जाट के नेतृत्व में सतीश वर्मा को उनके घर कूकड़ा जगत से गिरफ्तार कर परासिया ले जाकर पूछताछ की जा रही है। जांच के अनुसार, सतीश वर्मा ने लंबे समय तक श्रीसन फार्मा कंपनी के लिए काम किया है और इस दौरान इसके आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा।
इस पूरे मामले में पहले से ही कई शामिल व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें डॉक्टर प्रवीण सोनी, कंपनी मालिक रंगनाथन गोविंदन, फार्मासिस्ट सौरभ जैन, महिला फार्मासिस्ट कांचीपुरा आदि शामिल हैं।
READ MORE :स्टार प्रचारक बने सीएम डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
मामला और गंभीर
छिंदवाड़ा के परासिया सिविल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी पर आरोप है कि उन्होंने अपने निजी क्लीनिक में जहरीले कफ सिरप को बच्चों को पर्चे पर दिया, जिससे कम उम्र के करीब 24 बच्चों की मौत हो गई। यह कफ सिरप 46.2 प्रतिशत डायएथिलीन ग्लायकॉल से भरा था, जो कि किडनी फेल्यर का कारण बनता है।
सरकार और पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास कर रही है। SIT की जांच में अब यह पता लगाया जा रहा है कि कंपनी ने कैसे यह जहरीली दवाएं बाजार में पहुंचाईं और किन डॉक्टरों को कमीशन के जरिए इसमें शामिल किया गया।
इस घटनाक्रम ने पूरे प्रदेश को सदमे में डाल दिया है और इससे स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार ने इस मामले को लेकर हरसंभव कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जिससे इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों।
यह मामला प्रदेश की सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य स्कैम में से एक माना जा रहा है, जिसमें न सिर्फ कंपनी के कर्मचारी बल्कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी शामिल पाए गए हैं।
