pm modi mann ki baat 2026: साल 2026 के पहले मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र, परिवार, स्टार्टअप और सामाजिक भागीदारी पर खुलकर बात की। 130वें एपिसोड में पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले मतदाता दिवस को खास बताते हुए कहा कि मतदाता बनना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन का बड़ा उत्सव होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से इसे गर्व के पल की तरह मनाने की अपील की।
‘मतदाता बनने का भी मनाएं उत्सव’
पीएम मोदी ने कहा कि 25 जनवरी, राष्ट्रीय मतदाता दिवस, लोकतंत्र की आत्मा को याद करने का दिन है। मतदाता बनना किसी भी नागरिक के जीवन का अहम पड़ाव होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे जन्मदिन मनाया जाता है, वैसे ही नए मतदाता बनने पर मोहल्ले, गांव या शहर में सामूहिक अभिनंदन होना चाहिए। इससे मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वोट की ताकत का एहसास भी मजबूत होगा।
श्रीअन्न को लेकर बढ़ा जुनून, किसान बन रहे आत्मनिर्भर
मन की बात में पीएम मोदी ने मिलेट्स यानी श्रीअन्न का खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी इसका क्रेज कम नहीं हुआ है।
तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले में करीब 800 महिला किसानों से जुड़ी ‘पेरीयपालायम श्रीअन्न एफपीसी’ और राजस्थान के रामसर के बाजरे के लड्डुओं की मिसाल देते हुए पीएम ने कहा कि श्रीअन्न से किसानों की आय बढ़ी है और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है। कई मंदिरों में प्रसाद के रूप में श्रीअन्न का इस्तेमाल भी इसका उदाहरण है।
स्वच्छता और पर्यावरण के लिए जन-भागीदारी
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी बताया। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में युवाओं द्वारा 11 लाख किलो से ज्यादा कचरा साफ करने, असम, बेंगलुरु और चेन्नई के नवाचारों का जिक्र करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव लाते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के बेनॉय दास और मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के बीट गार्ड जगदीश अहिरवार का उदाहरण देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में आम नागरिक भी बड़ा योगदान दे सकता है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जाना भी इसी सोच का परिणाम है।
परिवार और समाज से मिलती है ताकत
पीएम मोदी ने परिवार व्यवस्था को भारतीय परंपरा की रीढ़ बताया। यूएई में 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार से मिली ताकत बड़ी से बड़ी चुनौती से लड़ने में मदद करती है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के शेखगुंड गांव और गुजरात के चंदनकी गांव के सामुदायिक किचन की मिसाल देते हुए कहा कि सामूहिकता समाज को जोड़ती है।
संस्कृति, भजन क्लबिंग और युवाओं का नया अंदाज
पीएम ने कहा कि भारत की संस्कृति और त्योहार आज दुनिया भर में पहचान बना रहे हैं। मलेशिया में तमिल स्कूलों और ‘लाल पाड़ साड़ी वॉक’ जैसे आयोजनों का जिक्र करते हुए उन्होंने भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव की बात कही। उन्होंने ‘भजन क्लबिंग’ को जेन-जी का नया सांस्कृतिक प्रयोग बताया, जहां आधुनिक माहौल में भी भक्ति की मर्यादा बनी हुई है।
स्टार्टअप और गुणवत्ता पर जोर
स्टार्टअप इंडिया की 10 साल की यात्रा को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। एआई, स्पेस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवा नई पहचान बना रहे हैं. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि अब ‘चलता है’ का दौर खत्म हो चुका है, भारत की पहचान गुणवत्ता से होनी चाहिए।
