PM Modi France Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 13 फरवरी तक विदेश दौरे पर रहेंगे, और इस दौरे में वे सबसे पहले फ्रांस जाएंगे। पीएम मोदी इस दौरे के दौरान फ्रांस में आयोजित एआई एक्शन समिट में हिस्सा लेंगे साथ ही सह अध्यक्षता करेंगे, साथ ही द्विपक्षीय समझौतों और इकोनॉमिक कोरिडोर पर भी चर्चा होगी। और रक्षा मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
एआई एक्शन समिट में सह अध्यक्षता
प्रधानमंत्री मोदी एआई एक्शन समिट में सह अध्यक्षता करेंगे, जो कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बुलावे पर आयोजित हो रहा है। समिट का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में समावेशिता लाना और इस तकनीक के विकास और उपयोग को विश्वसनीय बनाना है। भारत इस दिशा में AI टूल्स के विश्वसनीय विकास और उपयोग पर जोर देगा।
द्विपक्षीय समझौतों पर होगी चर्चा
दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर पर मुहर लग सकती है। इन समझौतों में मिलिट्री एयरक्राफ्ट, सबमरीन, और इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल होंगे। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर भी ठोस चर्चा हो सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय कांसुलेट का उद्घाटन और श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम मर्सेल शहर में भी रहेगा, जहां वे भारत के कांसुलेट का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, पीएम वर्ल्ड वॉर – 1 में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह यात्रा भारत और फ्रांस के ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिविल न्यूक्लियर सहयोग पर ध्यान
फ्रांस और भारत के बीच सिविल न्यूक्लियर सहयोग को लेकर एक वर्किंग ग्रुप पहले से ही काम कर रहा है। इस पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।

फ्रांस और भारत के बीच साइबर सुरक्षा पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है, साथ ही ग्लोबल मुद्दों पर भी दोनों नेता अपनी राय साझा करेंगे। मैक्रों और पीएम मोदी की मुलााकात में सेक्योरिटी और साइबर पर जोर रहेगा।
PM Modi France Visit: फ्रांस भारत संबंधों में और मजबूती
फ्रांस सरकार पीएम मोदी की समिट में सह-अध्यक्षता को लेकर आशान्वित है, और फ्रांस सरकार मानती है कि इसके जरिए डिजिटल स्पेस को ग्लोबल तौर पर समावेशी किए जाने के संदेश जाएगा। इससे दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत होंगे और साइबर सुरक्षा, डिजिटल स्पेस और समुद्री साझेदारी में सहयोग बढ़ेगा।
