PM Modi Targets Congress: नई दिल्ली: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री ने जहां एक ओर विपक्ष के वॉकआउट पर तंज कसा, वहीं दूसरी ओर भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौतों को लेकर कांग्रेस की आलोचना का जवाब भी दिया।
PM Modi Targets Congress: हंगामे के बीच प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी करीब शाम 5 बजे राज्यसभा पहुंचे। इससे एक दिन पहले लोकसभा में भारी हंगामे के चलते वे अपना जवाब नहीं दे पाए थे। जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसदों ने तानाशाही के आरोप लगाते हुए और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
PM Modi Targets Congress: खड़गे पर टिप्पणी, नारे जारी रहे
शोर के बीच प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर इशारा करते हुए कहा कि 83 वर्ष की उम्र में वे बैठकर नारे लगा सकते हैं। हालांकि इस टिप्पणी के बाद भी विपक्ष का हंगामा नहीं रुका और कुछ देर बाद विपक्षी सांसद सदन से वॉकआउट कर गए। प्रधानमंत्री ने इस पर भी चुटकी ली और कहा, “थक गए, इसलिए चले गए।”
व्यापार समझौतों पर विपक्ष को जवाब
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हालिया भारत-EU और भारत-US व्यापार समझौतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 में उनकी सरकार को एक बिगड़ी हुई व्यवस्था विरासत में मिली थी और भारत की वैश्विक छवि सुधारने में काफी मेहनत करनी पड़ी।
“दुनिया में भारत की एक खास छवि बन गई थी, जिसे बदलने में समय लगा। हालात इतने खराब थे,” प्रधानमंत्री ने कहा।
“डील की बात नहीं, बोफोर्स याद आता है”
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल और डीएमके का नाम लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दलों ने केंद्र और राज्यों में दशकों तक शासन किया, लेकिन आज भी उनकी पहचान भ्रष्टाचार से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा,
“आज भी जब इनके बारे में बात होती है तो लोग ट्रेड डील्स की चर्चा नहीं करते। उनके दौर में डील का मतलब बोफोर्स होता है।”
प्रधानमंत्री का यह बयान कांग्रेस द्वारा अमेरिका के साथ हुए समझौते पर लगाए गए आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
विपक्ष के आरोप और सरकार का पक्ष
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के साथ हुए समझौते में भारत के हितों से समझौता किया गया है, खासकर किसानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि सरकार लगातार यह भरोसा दिला रही है कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
“कांग्रेस कल्पना करती है, अमल नहीं”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखती। उन्होंने कहा “कांग्रेस सिर्फ कल्पना करती है, लेकिन जमीन पर काम नहीं करती” ।राज्यसभा में यह सत्र हंगामे, तंज और तीखे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का गवाह बना, जहां व्यापार समझौतों से लेकर दशकों पुराने घोटालों तक की गूंज सुनाई दी।
