तोहफों में देवी भवानी की मूर्ति की बेस प्राइज ₹1 करोड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों और संगठनों से उपहार मिलने का सिलसिला जारी है, और अब इन्हीं उपहारों की ई-नीलामी आज से शुरू हो रही है। पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह घोषणा की कि अब तक पीएम मोदी को मिले 1300 से ज्यादा उपहारों की नीलामी की जाएगी। इस नीलामी में देश-विदेश से आए विभिन्न प्रकार के उपहारों को बोली के लिए रखा जाएगा।
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तोहफों की लिस्ट में क्या है खास?
ई-नीलामी में शामिल किए गए तोहफों में पेंटिंग्स, कलाकृतियां, और खेलों से जुड़ी स्मृति चिन्ह शामिल हैं। इन वस्तुओं को दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में प्रदर्शित किया गया है, और अब ऑनलाइन इनकी बोली लगेगी। उपहारों में कुछ बेहद खास चीजें शामिल हैं, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुकी हैं।
- देवी भवानी की मूर्ति – इस मूर्ति की बेस प्राइज ₹1 करोड़ 3 लाख 95 हजार रुपये रखी गई है।
- अयोध्या के राम मंदिर का नक्काशीदार मॉडल – इसकी बेस प्राइज ₹5.5 लाख है।
- पैरालंपिक पदक विजेताओं के जूते – इन जूतों का बेस प्राइज ₹7.7 लाख है।
- पशमीना शॉल और नागा शॉल – ये शॉल भी नीलामी में शामिल किए गए हैं और इनकी कीमतें काफ़ी आकर्षक हैं।
इसके अलावा, कुछ अन्य प्रसिद्ध उपहारों में राम दरबार की तंजौर पेंटिंग, मेटल की नटराज प्रतिमा, और जीवन वृक्ष को दर्शाने वाली गुजरात की रोगन कला भी शामिल हैं।
ई-नीलामी का उद्देश्य और इसका महत्व
इस नीलामी का मुख्य उद्देश्य मोदी जी द्वारा प्राप्त इन उपहारों को एक अच्छे कारण में समर्पित करना है। इस बार, नीलामी से जो भी राशि प्राप्त होगी, उसे नमामि गंगे मिशन को दान किया जाएगा। यह मिशन गंगा नदी के संरक्षण और सफाई के लिए काम करता है। संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अपने सभी स्मृति चिन्ह नेक कामों के लिए समर्पित कर दिए हैं।
साथ ही, इस नीलामी को एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा जा सकता है। यह न केवल उन लोगों के लिए एक अवसर है जो इन उपहारों को अपने पास रखना चाहते हैं, बल्कि यह भी एक मौके के रूप में सामने आता है, जिससे लोग गंगा के संरक्षण जैसे बड़े मिशन का हिस्सा बन सकते हैं।
पिछली नीलामी और इस बार का विशेष संस्करण
यह नीलामी का सातवां संस्करण है और इससे पहले भी कई नीलामी हो चुकी हैं, जिनसे लाखों रुपये की रकम जुटाई गई है। 2019 में हुई पहली नीलामी में 1805 आइटम्स रखे गए थे, वहीं 2024 में सबसे कम 600 आइटम्स की नीलामी हुई थी। पिछले साल की नीलामी में सबसे महंगा सामान पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले निषाद कुमार के जूते थे, जिसकी कीमत ₹10 लाख थी।
इस साल भी, ई-नीलामी में कई महंगे और ऐतिहासिक उपहार शामिल हैं, जो न केवल प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत संग्रह का हिस्सा रहे हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को भी दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को मिले उपहारों की ई-नीलामी अब एक महत्वपूर्ण अवसर बन चुकी है, जहां न केवल लोग इन विशेष वस्तुओं का मालिक बन सकते हैं, बल्कि समाज के लिए एक नेक काम में योगदान भी दे सकते हैं। ई-नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे मिशन में जाएगी, जो गंगा नदी की सफाई और संरक्षण के लिए काम कर रहा है। यह नीलामी एक नायाब पहल है, जहां लोग अपनी पसंदीदा कलाकृतियों को खरीदकर एक ऐतिहासिक कार्य में अपना योगदान दे सकते हैं।
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