19 नवंबर को किसानों के खाते में आएंगे पैसे: 11 करोड़ परिवारों को बड़ी राहत
देशभर के लाखों किसानों के लिए नवंबर का महीना एक बड़ी खुशखबरी लेकर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे। हर बार की तरह यह रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

यह योजना 2019 में शुरू हुई थी और तभी से किसानों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती आ रही है। छह हजार रुपये सालाना की यह सहायता रकम मामूली लग सकती है, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह किसी संबल से कम नहीं। बीज से लेकर खाद तक, कई जरूरी खर्च यही मदद पूरी करती है।
करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को राहत
कृषि मंत्री ने बताया कि अब तक देश के 11 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को कुल 3.70 लाख करोड़ रुपये की सहायता 20 किस्तों के माध्यम से मिल चुकी है। कई राज्यों के किसान बताते हैं कि यह रकम सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहती, बल्कि परिवार के अन्य कामों—जैसे बच्चों की पढ़ाई, इलाज या घर की छोटी जरूरतों—में भी राहत देती है।
विशेष सत्यापन अभियान…
यह सहायता उन किसानों को मिलती है जिनकी जमीन का रिकॉर्ड PM-Kisan पोर्टल पर दर्ज है और जिनके बैंक खाते आधार से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि सरकार पिछले कुछ वर्षों से ग्राम स्तर पर विशेष सत्यापन अभियान चला रही है, ताकि कोई पात्र किसान छूट न जाए।
दिलचस्प बात यह है कि पीएम-किसान के असर पर 2019 में अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं नीति अनुसंधान संस्थान ने एक अध्ययन भी किया था। उस अध्ययन में साफ सामने आया कि इस योजना की राशि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी, किसानों की कर्ज निर्भरता कम की और आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश बढ़ाया।
योजना को और पारदर्शी और व्यापक बनाने की कोशि्श
कई जगह यह देखा गया कि किसान, जो पहले सिर्फ पारंपरिक खेती पर टिके रहते थे, अब नई मशीनरी या बेहतर बीजों में निवेश कर पा रहे हैं। यही कारण है कि सरकार अब योजना को और पारदर्शी और व्यापक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
किसान रजिस्ट्री पहल शुरू…
कृषि मंत्रालय ने हाल ही में किसान रजिस्ट्री बनाने की पहल शुरू की है। यह एक सटीक और गहन डेटाबेस होगा, जिसमें किसानों के सभी आवश्यक विवरण एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगे। इससे सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों को अलग-अलग दफ्तरों और कागजी प्रक्रियाओं के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
योजना का लाभ “अंतिम व्यक्ति” तक बिना रुकावट पहुंचे….
सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी योजना का लाभ “अंतिम व्यक्ति” तक बिना रुकावट पहुंचे। पीएम-किसान इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कई किसानों ने यह महसूस किया है कि समय पर मिलने वाली यह छोटी किस्त भी मौसम, बाजार और लागत के बढ़ते दबावों के बीच मानसिक और आर्थिक राहत देती है।
खेती हमेशा जोखिम से जुड़ी रही
जैसे-जैसे 19 नवंबर की तारीख नजदीक आ रही है, ग्रामीण इलाकों में उम्मीद और राहत का माहौल दिखने लगा है। खेती हमेशा जोखिम से जुड़ी रही है, लेकिन जब सरकार की ओर से ऐसी स्थायी आर्थिक सहायता मिलती है तो किसान न सिर्फ आत्मविश्वास महसूस करते हैं बल्कि नई संभावनाओं की तरफ भी कदम बढ़ाते हैं।
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