Plastic Bottle and Tiffin Risks: आज के समय में प्लास्टिक की बोतलें, टिफिन बॉक्स और अन्य कंटेनर हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गए हैं। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या जिम हो, हर जगह प्लास्टिक के बोतल और टिफिन का उपयोग आम है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है?
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प्लास्टिक से बनी चीजें, खासकर वो जिन्हें खाने-पीने के लिए बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, कई बार केमिकल रिसाव की वजह बनती हैं। इनमें से सबसे प्रमुख है बीपीए (BPA – Bisphenol A) और फथलेट्स (Phthalates)। ये केमिकल्स हमारे शरीर में जाकर हार्मोनल असंतुलन, डायबिटीज, कैंसर, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
प्लास्टिक की बोतलें और बॉक्स में रिसाव का खतरा…
ऐसी बोतलें, खासकर रेसायकल की गई प्लास्टिक या सस्ती क्वालिटी वाले उत्पाद, गर्म पानी या गर्म खाने के संपर्क में आने पर केमिकल रिसाव करती हैं।
1. गर्म पानी में पानी पीना या उसमें चाय/कॉफी डालना।
2. माइक्रोवेव में प्लास्टिक टिफिन गरम करना।
3. धूप में प्लास्टिक बोतल रखना।
इन आदतों से बीपीए और अन्य हानिकारक केमिकल्स आपके शरीर में जा सकते हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य पर असर…
1. हार्मोनल असंतुलन: बीपीए और फथलेट्स शरीर के हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर थायरॉइड और एस्ट्रोजन हार्मोन।
2. कैंसर का खतरा: कुछ रिसर्च के मुताबिक, बार-बार प्लास्टिक से बने कंटेनर का उपयोग करने से स्तन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
3. पाचन और लीवर पर असर: प्लास्टिक से निकलने वाले केमिकल्स लीवर और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं।
4. डायबिटीज और मोटापा: बीपीए इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ा सकता है, जिससे डायबिटीज और वजन बढ़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
वैज्ञानिक और डॉक्टर अक्सर प्लास्टिक के बार-बार इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हैं।
डॉ. अर्चना मिश्रा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज, कहती हैं:-
“प्लास्टिक में मौजूद हानिकारक रसायन हमारे शरीर में हार्मोनल बदलाव ला सकते हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद खतरनाक है।”
वे आगे बताती हैं कि गर्म भोजन या पेय को प्लास्टिक में स्टोर करना सबसे अधिक रिस्क वाली आदत है।
सुरक्षित विकल्प…
1. स्टेनलेस स्टील या ग्लास की बोतलें: यह सबसे सुरक्षित विकल्प है। इन्हें बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है और केमिकल रिसाव का खतरा नहीं होता।
2. बांस या सिरेमिक टिफिन बॉक्स: बच्चों के स्कूल टिफिन और ऑफिस लंच बॉक्स के लिए यह सुरक्षित विकल्प हैं।
3.BPA-free प्लास्टिक: अगर प्लास्टिक का उपयोग अनिवार्य हो, तो BPA-Free और उच्च क्वालिटी वाले उत्पाद खरीदें।
4. गर्म भोजन में प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें: माइक्रोवेव में गरम करने से बचें और गर्म खाने को स्टेनलेस स्टील या ग्लास कंटेनर में रखें।
5. धूप और गर्म जगह पर प्लास्टिक न रखें: प्लास्टिक को सूरज की रोशनी या गर्म वातावरण में न रखें।

रोजमर्रा की आदतें बदलें…
1. पानी की बोतल हर रोज धोएं और लंबे समय तक इस्तेमाल न करें।
2. टिफिन बॉक्स को समय-समय पर बदलते रहें।
3. बच्चों के लिए हमेशा ग्लास या स्टेनलेस स्टील के बॉटल का उपयोग करें।
4. खाने-पीने की चीज़ें प्लास्टिक में लंबे समय तक स्टोर न करें।
पर्यावरण पर भी असर…
प्लास्टिक का बार-बार उपयोग न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। प्लास्टिक न तो जल्दी गलता है और न ही रिसायकल में पूरी तरह जाता है।
इसके कारण नदियों, समुद्र और जमीन में प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मछलियां और अन्य जीव भी प्रभावित होते हैं।
