Plane Crash 2025: 12 जून को हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस भीषण दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस मुश्किल समय में जहां प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा रहा, वहीं कई सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संगठनों ने भी आगे बढ़कर पीड़ितों की मदद की।

Plane Crash 2025: ढांढस बंधाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
हादसे के बाद तीन दिनों तक दर्जनों एनजीओ, चैरिटेबल ट्रस्ट और faith-based organizations ने राहत कार्यों में प्रशासन का भरपूर सहयोग किया। सैकड़ों स्वयंसेवकों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में भाग लिया, घायलों को अस्पताल पहुंचाने, शवों को सम्मानपूर्वक ले जाने और शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Plane Crash 2025: दिखाया कि सच्ची मानवता क्या होती है
इन संगठनों की यह सेवा न किसी प्रचार के लिए थी और न ही किसी दिखावे के लिए। उनका काम शांति, संवेदना और समर्पण का प्रतीक रहा। इन स्वयंसेवकों ने बिना किसी अपेक्षा के रात-दिन राहत कार्यों में हाथ बंटाया और दिखाया कि सच्ची मानवता क्या होती है।
Plane Crash 2025: इनके योगदान की सराहना की
इस पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। समाजसेवी संगठनों की भूमिका को सराहा गया और सोशल मीडिया पर भी सीएम भूपेंद्र पटेल ने इनके योगदान की सराहना की।
हर संभव मदद के लिए तत्पर रहेंगे
घटना के बाद 12 जून को एक ट्वीट के माध्यम से इन संगठनों ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की। साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि वे पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए तत्पर रहेंगे।
किसी स्वार्थ के सेवा के लिए तैयार रहेंगे
उनका यह ट्वीट न केवल संवेदना से भरा था, बल्कि यह एक संकल्प भी था कि समाज में जब भी कोई आपदा आएगी, वे बिना किसी स्वार्थ के सेवा के लिए तैयार रहेंगे।
इस त्रासदी के समय में इन संगठनों की निस्वार्थ सेवा और संवेदनशीलता ने यह साबित कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो किसी भी आपदा का सामना मजबूती से किया जा सकता है। यह उदाहरण आने वाले समय के लिए प्रेरणा है।
