Harda Karni Sena Protest: करणी सेना परिवार द्वारा आयोजित जन क्रांति न्याय आंदोलन को लेकर शहर में हलचल तेज हो गई है। करीब 5 बजे प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, वहीं आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर को छावनी में बदलकर भारी पुलिस बल तैनात किया है, 6.21 बजे जन क्रांति न्याय आंदोलनकरियों ने मोबाइल का लाइट जला कर विरोध प्रदर्शन किया

प्रशासन ने आंदोलन के आयोजन के लिए नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति दी.

पुलिस लाठीचार्ज के विरोध
यह आंदोलन 12–13 जुलाई को करणी सेना परिवार एवं राजपूत समाज के लोगों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध और 21 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है
21 सूत्रीय मांगे पूरी नही होती
Harda Karni Sena Protest: करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर हरदा पहुँचे जीवन सिंह का कहना है कि करणी सेना का जनक्रांति न्याय आंदोलन का आगाज़ होगा और जबतक 21 सूत्रीय मांगे पूरी नही होती तबतक आंदोलन जारी रहेगा..

21 सूत्रीय मांगे है जो हमने सरकार तक पहुचा दी
करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर हरदा पहुंचं और स्थानीय नेहरू स्टेडियम में सुबह 11 बजे से जनक्रांती न्याय आंदोलन का आग़ाज़ किया… मीडिया से चर्चा करते हुए जीवन सिंह ने कहा कि हमारी 21 सूत्रीय मांगे है जो हमने सरकार तक पहुचा दी है.
आंदोलन जारी रहेगा 21 सूत्रीय मांगों में प्रमुख मांगे
जबतक सरकार हमारी मांगे पूरी नही करेगी तबतक ये आंदोलन जारी रहेगा 21 सूत्रीय मांगों में प्रमुख मांगे है.
जुलाई 2025 को हरदा आंदोलन से जुड़े दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही,EWS सरलीकरण एवं आर्थिक आधार पर आरक्षण,
प्रदेश के युवाओं को सरकारी नोकरी में प्राथमिकता,किसानों को उचित मुआवजा ओर पारदर्शी बीमा नीति,गौमाता का संरक्षण जैसी जन हितैषी मांगे शामिल है.
गौमाता का संरक्षण जैसी जन हितैषी मांगे शामिल है
बता दें की आदिवासी संगठनों के विरोध करने पर कहा कि. हम किसी भी तरह आरक्षण या आदिवासी समाज के विरोध नही कर रहे है. हम उन्हें समझना चाहते है वे समझ नहीं पा रहे है और जो विरोध हो रहा है. वह लोकल स्तर पर हो रहा है.
किसी राष्ट्रीय या प्रदेश के नेता ने विरोध नही किया अगर वे बैठकर हमसे बात करेंगे तो उन्हें समझ आ जाएगा और वे भी हमारा समर्थन करेंगे..
क्या है मामला?
हरदा शहर में करणी सेना परिवार द्वारा आयोजित जन क्रांति न्याय आंदोलन को लेकर प्रशासन ने नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी है। यह आंदोलन 12–13 जुलाई को करणी सेना परिवार एवं राजपूत समाज के लोगों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में तथा 21 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है।
सबसे बड़ा आंदोलन
जिले में 5 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रदर्शन स्थल से लेकर जिले के सभी प्रवेश और निकास मार्गों तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जबकि बाहर से आए पुलिस बल के ठहराव के लिए शहर के करीब 30 होटल और धर्मशालाओं को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में लिया है। रविवार सुबह तक करीब 20 हजार से ज्यादा किसान शहर में मौजूद हैं। यह आंदोलन हरदा के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन माना जा रहा है।
