
रेंडमाइजेशन प्रक्रिया
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान कार्मिकों का चयन एक महत्वपूर्ण कदम है, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को सुनिश्चित करता है। प्रथम रेंडमाइजेशन के दौरान, ई.एम.एस. सॉफ्टवेयर का उपयोग कर मतदान कार्मिकों को विभिन्न मतदेय स्थलों पर बेतरतीब ढंग से नियुक्त किया गया। यह सॉफ्टवेयर सुनिश्चित करता है कि कार्मिकों का चयन पूरी तरह से स्वचालित और निष्पक्ष हो, ताकि किसी भी प्रकार की पक्षपात की संभावना न रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता के उच्च मानकों के अनुरूप संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि सभी मतदान कार्मिकों को उनके दायित्वों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
Pauri Panchayat Elections: समयबद्ध तैयारियों पर जोर
जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने प्रथम रेंडमाइजेशन के अवसर पर स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों की व्यवस्था, मतदान सामग्री की उपलब्धता, और कार्मिकों के प्रशिक्षण जैसे सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी हो। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता
Pauri Panchayat Elections: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रथम रेंडमाइजेशन के सफल आयोजन ने इस दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आगामी चरणों में भी इसी तरह की पारदर्शी प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी। इसके अलावा, मतदाताओं को जागरूक करने और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
भगवान सिंह की रिपोर्ट
