
जिलाधिकारी ने की धान कटाई
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न केवल प्रयोग का अवलोकन किया, बल्कि स्वयं खेत में उतरकर धान की कटाई भी की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के साथ मंडाई में सहभागिता कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अनुभव ने ग्रामीणों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया। जिलाधिकारी ने खेत का नक्शा, खसरा, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से बोए गए बीजों की गुणवत्ता और फसल की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने अपनी खेती से संबंधित अनुभव और चुनौतियां साझा कीं।

क्रॉप कटिंग प्रयोग का महत्व
जिलाधिकारी ने बताया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़े तैयार करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर ही फसल बीमा और क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित की जाती है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलता है। यह प्रक्रिया न केवल कृषि उत्पादन का सटीक आकलन करती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने में भी मदद करती है। उन्होंने किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और इसके महत्व को समझाया।
Crop Cutting Experiment Pauri: ग्रामीणों की समस्याएं
ग्राम डुंगरी पहुंचने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का अपने बीच स्वागत किया और उनकी उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न समस्याओं, विशेष रूप से खेतों में जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से अवगत कराया। उन्होंने खेतों में घेरबाड़ की मांग उठाई ताकि फसलों को सुरक्षित रखा जा सके। जिलाधिकारी ने उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग को घेरबाड़ के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को फसल बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिससे वे इनका अधिकतम लाभ उठा सकें।
भगवान सिंह की रिपोर्ट
