Patna Governor Post Fraud: पटना में एक चौंकाने वाला हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी का मामला सामने आया। युवराज प्रताप सिंह नाम के एक शातिर ठग ने एक महिला को राज्यपाल नियुक्त करवाने और उसके बेटे को फिल्म सुपरस्टार बनाने का झूठा वादा करके 10 लाख रुपये ठग लिए। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए, आरोपी ने राष्ट्रपति भवन से लेकर बिहार के बड़े राजनेताओं तक, सभी के नामों का यूज किया।

राज्यपाल बनाने का वादा
यह पूरा मामला राजीव नगर थाना क्षेत्र का है। शिकायत मिलने पर, पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला, अनीता मिश्रा ने बताया कि आरोपी युवराज प्रताप सिंह ने दावा किया कि दिल्ली और बिहार, दोनों ही जगहों के सत्ता के गलियारों में उसकी ऊंची पहुंच है, उसने बड़े नेताओं से अपने गहरे संबंधों का भी बखान किया। उसने महिला को यकीन दिलाया कि वो उसे गवर्नर के पद के लिए नामित करवा सकता है। इसके अलावा, उसने महिला को एक सपना दिखाया कि वह उसके बेटे को एक बड़ा एक्टर बना सकता है।
राष्ट्रपति के नाम का इस्तेमाल
ठग ने महिला से कहा, ‘मैडम, राज्यपाल के पद के लिए आपका नाम फाइनल हो गया है, आपकी फाइल राष्ट्रपति मुर्मू के हस्ताक्षर के लिए भेजी जा चुकी है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।’ इसी बहाने से, उसने महिला से अलग-अलग किस्तों में पैसे लेना शुरू कर दिया। पीड़ित महिला का भरोसा बनाए रखने के लिए, आरोपी बार-बार ऊंचे सरकारी पदों और सरकारी प्रोटोकॉल का हवाला दिया। इस झूठ पर विश्वास करके, महिला ने उसे लाखों रुपये सौंप दिए।
लालू प्रसाद के PA से बात
साथ ही महिला का विश्वास जीतने के लिए, ठग ने धोखाधड़ी की सारी हदें पार कर दीं। उसने अशोक और शाहनवाज नाम के 2 लोगों को फोन किया और पीड़ित महिला से उनका परिचय RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के PA के तौर पर करवाया। फोन पर जालसाजों ने लालू प्रसाद यादव के नाम का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी वाली बातचीत की, जिससे महिला को यकीन हो गया। इस तरह, रसूख का झूठा दिखावा करके, आरोपी ने महिला को पूरी तरह अपने जाल में फंसा लिया। इस दौरान, आरोपी ने उससे लगभग 10 लाख रुपये ठग लिए।

Patna Governor Post Fraud: आरोपियों की तलाश
जब महिला को शक हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने राजीव नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी युवराज प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उसे पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस फिलहाल उन मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल लालू प्रसाद के PA होने का ढोंग रचकर बातचीत करने के लिए किया गया था।
