Patharchatta Leaf Benefits: सदियों से आयुर्वेद में उपयोग होने वाला पत्थरचट्टा (Patharchatta) एक चमत्कारी पौधा माना जाता है। इसके पत्तों में इतने औषधीय गुण होते हैं कि यह गुर्दे की पथरी से लेकर सूजन, जलन, घाव और त्वचा की समस्याओं तक के इलाज में काम आता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक इसे “घर का डॉक्टर” भी कहते हैं क्योंकि यह कई तरह की बीमारियों को बिना दवाइयों के दूर करने में मदद करता है। जो आमतौर पर गांवों के घरों में, बागीचों में या दीवारों के किनारे आसानी से उग जाता है।
पत्थरचट्टा क्या है?
पत्थरचट्टा (वैज्ञानिक नाम: Bryophyllum pinnatum) एक बहुवर्षीय औषधीय पौधा है जो भारत में आमतौर पर घरों के आंगन, खेतों या खाली जगहों पर पाया जाता है। इसकी मोटी हरी पत्तियाँ नमी संचित करने में सक्षम होती हैं और इन्हीं पत्तियों में औषधीय गुण छुपे होते हैं।
पत्थरचट्टा के पत्तों के मुख्य फायदे…
किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) में लाभकारी…
पत्थरचट्टा पत्तों का रस गुर्दे की पथरी को तोड़ने और पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में बेहद असरदार माना जाता है।
उपयोग
5-6 ताजे पत्थरचट्टा के पत्तों को पीसकर उसका रस निकालें और रोज सुबह खाली पेट सेवन करें। यह उपाय 15–20 दिन तक किया जा सकता है या जब तक पथरी बाहर न आ जाए।
घाव और जलन में उपयोगी…
इसकी पत्तियों में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी भरने और जलन को शांत करने में मदद करते हैं।
उपयोग
पत्तों को हल्का गर्म करके घाव या जले हुए स्थान पर लगाने से तुरंत राहत मिलती है।
सूजन और दर्द में राहत..
जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो तो पत्थरचट्टा के पत्ते एक बेहतरीन घरेलू उपचार हैं।
उपयोग
पत्तों को गर्म करके सेंधा नमक लगाकर दर्द वाली जगह पर बांधें।

त्वचा रोगों में फायदेमंद…
खुजली, फोड़े-फुंसी, दाद जैसी त्वचा समस्याओं में पत्थरचट्टा के पत्तों का लेप राहत पहुंचाता है।
उपयोग
पत्तों को पीसकर त्वचा पर लगाएं और कुछ समय बाद धो लें। यह संक्रमण को रोकता है।
ब्लड प्रेशर करें कंट्रोल…
पत्थरचट्टा में मौजूद पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
उपयोग
1 चम्मच रस दिन में एक बार पिएं। इससे शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है।
पाचन तंत्र को करे मजबूत…
इसके सेवन से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह पेट के लिए टॉनिक की तरह काम करता है।
मासिक धर्म की गड़बड़ियों में उपयोगी…
महिलाओं में अनियमित पीरियड्स या अधिक रक्तस्राव की समस्या में पत्थरचट्टा बहुत फायदेमंद माना गया है।
इम्यूनिटी बूस्टर…
पत्थरचट्टा के पत्तों में मौजूद विटामिन C, B, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं।

सावधानियां…
1. किसी भी औषधीय पौधे की तरह पत्थरचट्टा का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
2. गर्भवती महिलाएं या गंभीर रोगी चिकित्सक से परामर्श के बाद ही इसका सेवन करें।
3. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट खराब, डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
उपयोग…
1. रस – 4–5 पत्ते पीसकर छानें, रोज सुबह
2. चाय – पत्तों को पानी में उबालकर छानकर पीएं
3. लेप – पत्ते पीसकर सीधे त्वचा पर लगाएं
4. गर्म पट्टी – गर्म किए गए पत्तों को दर्द वाले स्थान पर बाँधें
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