जन शिकायतों पर होगी लो-इन-डीप्ट चर्चा
आज शनिवार सुबह भाजपा सांसद व पूर्व DGP बृजलाल की पैमाने वाली Parliamentary Committee on Public Governance and Law‐Justice ने जम्मू-कश्मीर दौरे की शुरुआत की। पहले चरण में सदस्य वैष्णो देवी धाम के लिए रवाना हो गए। इसके बाद पहलगाम जा सकते हैं, जहां हाल ही में आतंकवादी हमला हुआ था।
कौन है समिति और क्यों है ये दौरा अहम?
- अध्यक्ष भाजपा सांसद और पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने जानकारी दी कि समिति का मकसद सरकारी कामकाज, कानून-न्याय की स्थिति और आम जनता की समस्याओं का आकलन करना है। जम्मू के 6–7 सांसद पहले ही पहुंच चुके हैं, जबकि बाकी सदस्य श्रीनगर में शामिल होंगे।
- समिति दो दिन जम्मू में रही, फिर श्रीनगर का रूख करेगी तथा संभवतः पहलगाम की यात्रा भी करेगी ।
वैष्णो देवी धाम में सुविधाओं की समीक्षा
धाम में समिति के कार्यवाहक CEO अंशुल गर्ग और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी। बृजलाल ने बताया कि यात्रियों के लिए फैसिलिटीज, भीड़ प्रबंधन, मेडिकल और लॉजिस्टिक्स का आकलन किया जाएगा ।
धार्मिक यात्रा मार्ग व सुविधाओं के अलावा बैंक, पावर ग्रिड और अन्य PSUs के साथ भी बैठक होगी।
पहलगाम दौरा: पर्यटन मंत्रालय की तैयारी और आतंकवादी हमला मैनेजमेंट
संसदीय समिति पहलगाम की ओर रूख सकती है, क्योंकि 22 अप्रैल को बायसरन घाटी में आतंकियों ने टूरिस्ट्स पर हमला किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
केन्द्र सरकार 7–8 जुलाई को एक हाई‑लेवल मीटिंग आयोजित कर रही है, जिसमें सभी राज्यों के पर्यटन सचिव हिस्सा लेंगे ।
अनुराग ठाकुर की अगुवाई: दूसरी समिति भी दौरे पर
5–10 जुलाई के बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में दूसरी संसदीय समिति भी जम्मू-कश्मीर दौरे पर रहेगी। यह समिति विशेष रूप से कोयला, खान और इस्पात क्षेत्र की परियोजनाओं का मूल्यांकन करेगी ।
कौन से एजेंडे हैं सबसे प्रमुख?
- वैष्णो देवी धाम: श्रद्धालुओं को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा, भेंट का रोस्टर और फीडबैक सिस्टम
- पहलगाम क्षेत्र: पर्यटन पुनरुद्धार, सुरक्षा और आतंकी जांच
- श्रीनगर में योजनाएं: सार्वजनिक उपक्रमों से बातचीत, न्यायिक व्यवस्था (RTI एवं कोर्ट की कार्यक्षमता) समीक्षा
- कोहनी‑खान‑इस्पात क्षेत्र: 6 दिवसीय दौरे में उद्योगों से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा
- रेल रोड कनेक्टिविटी: हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा पेश की गई कटर–श्रीनगर Vande Bharat Express का असर
पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का दोबारा जिक्र
22 अप्रैल को हुई घटना का जिक्र करते हुए, आतंकवादियों के समर्थन में NIA की जांच, गिरफ्तारियां और ऑपरेशन सिंदूर (6–7 मई रात पाकिस्तान व PoK में एयर स्ट्राइक) का जिक्र भी जरूरी है।
कश्मीर में संसदीय बैठकों की आवश्यकता क्यों?
उत्तराखंड के ओमर अब्दुल्ला ने NITI Aayog बैठक में कहा था कि PSUs और संसदीय समितियों को कश्मीर में बैठकों का आयोजन कराना चाहिए ताकि पर्यटन की आबरू बनी रहे और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
आज का विज़न: दौरे से क्या उम्मीदें हैं?
- स्थानीय समस्याएं: बिजली, पानी, ट्रैफिक और लॉजिस्टिक्स
- पर्यटन पुनरुद्धार: वैष्णो देवी और पहलगाम को सुरक्षित, सुविधाजनक बनाया जाए
- निडर जनभागीदारी: RTI अनुपालन और न्यायिक प्रणाली की पारदर्शिता
- आतंकवाद विरोधी रणनीति: पहलगाम हमले और संग्रहित सुरक्षा मानकों की समीक्षा
संसदीय जांच दल का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है – यह जनता की आवाज सुनने, व्यवस्थाओं में सुधार करने और आतंक-प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाल करने की दिशा में सोची समझी पहल है। आने वाले दिन रणनीति बदल सकती है लेकिन उम्मीद यही कि जनता की समस्याएं जल्द मिटेंगी और जम्मू-कश्मीर फिर आत्मनिर्भर बनने की राह पर आएगा।
