नई दिल्ली, 25 जुलाई 2025: मानसून सत्र के पांचवें दिन संसद में भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA bloc) की ओर से जोरदार प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दिम्पल यादव ने SIR (Special Intensive Revision) प्लेकार्ड फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया, जिससे सदन गहमागहमी में तब्दील हो गया ।
विरोध का कारण: SIR चुनावी रोल संशोधन
बिहार में चल रहे चुनावी मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर विपक्ष का आरोप है कि इसमें पारदर्शिता का अभाव है और इससे आगामी विधानसभा चुनाव में वैधता पर असर पड़ेगा। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या और ECI पर दबाव बनाने की कोशिश बताया
संसद की कार्यवाही पर प्रभाव
गृहकलह और विरोध के चलते लोक सभा और राज्य सभा दोनों दिन आदोलन का सामना करती रहीं। गुरुवार को सत्र पूरी तरह ठप रह गया, केवल सेवानिवृत्त सांसदों को विदाई दी गई। इसलिए दोनों सदनों की कार्य सूचियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं ।
केंद्र सरकार का रुख और विधेयक
इधर, इसी बीच खेल मंत्री मंसुख मांडविया ने संसद में दो महत्वपूर्ण बिल नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025 और एंटी-डोपिंग संशोधन बिल पेश किए। ये बिल विभिन्न खेल संस्थाओं को मानकीकृत करने और एंटी-डोपिंग संस्था को अधिक स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में थे
विपक्ष की तीखी टिप्पणी
प्रत्याके दौर में प्रमुख विपक्षी नेताओं ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह कदम लोकतंत्र की हत्या जैसा है। वहीं राहुल गांधी समेत कई अन्य सांसदों ने संसद से बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि संविधान और जनादेश को खतरे में डाला जा रहा है
ताज़ा घटनाओं का राजनीतिक विश्लेषण
- विपक्ष का प्रदर्शन स्पष्ट रूप से लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा हेतु चेतना जगाने की कोशिश है।
- सरकार विरोधी आंदोलन को दबाकर विधायी कार्रवाई जारी रखने की कोशिश में लगी है।
- इससे पुष्टि होती है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संवैधानिक चरित्र पर विवाद गहरा रहा है।
क्या ये एक साधारण विरोध प्रदर्शन है?
पिछले सत्रों में विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करने की घटनाएँ भी रही, जैसे दिसंबर 2023 में सुरक्षा उल्लंघन की मांग पर 146 सांसदों को निलंबित किया गया था। तब विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की हत्या और संसद का अपमान बताया था। इसके चलते संसद का कामकाज प्रभावित हुआ और असहमति गहरी हुई।
आने वाले दिनों में क्या हो सकता है?
यदि विरोध जारी रहता है, तो संसद फिलहाल स्थायी रूप से रुकी रह सकती है। सरकार के किए गए बिल खेल सुधार और एंटी‑डोपिंग पेश होने के बावजूद, विपक्ष की नाराज़गी के चलते सवाल बने रहेंगे। राजनीतिक कुर्सी परिवर्तन के आसार बढ़ते जाएंगे, खासकर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले।
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