गुरुवार सुबह तक कार्यवाही स्थगित
6 अगस्त 2025 को संसद के मानसून सत्र का 13वां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने बिहार वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन (SIR) विवाद को लेकर दोनों सदनों में जोरदार विरोध किया। इस वजह से संसद की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। हालांकि, हंगामे के बीच सरकार ने मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024 को लोकसभा में पारित करा लिया।

दिनभर की संसद कार्यवाही पर एक नजर:
लोकसभा में क्या हुआ?
मर्चेंट शिपिंग बिल 2024 पास हुआ। पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बिल पेश किया। विपक्षी सांसदों के विरोध के बावजूद बिल पारित कर दिया गया।
राज्यसभा में क्या हुआ?
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने बिहार SIR मामले पर हंगामा किया। परिणामस्वरूप सदन को दोपहर 2 बजे तक और फिर गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
बिहार SIR विवाद: क्या है मामला?
विपक्ष का आरोप है कि बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन (SIR) में गंभीर अनियमितताएं और धांधली हुई है। विपक्षी सांसद इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए हर दिन संसद में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत अन्य सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया।
लोकसभा में आगे किन बिलों पर चर्चा संभव है?
1️⃣ नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025
खेल संगठनों में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए। BCCI, IOA जैसे संगठनों की जवाबदेही तय करेगा।
2️⃣ नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल
खिलाड़ियों में डोपिंग पर रोक लगेगी। NADA को स्वतंत्र संस्था का दर्जा मिलेगा।
मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024: क्या है इसका उद्देश्य?
भारत की समुद्री व्यापार नीति को मजबूत बनाना। मर्चेंट नेवी के संचालन को कानूनी और आधुनिक रूप देना। बंदरगाह और जलमार्ग प्रबंधन में दक्षता बढ़ाना।

विपक्ष vs सरकार: सदन में तीखी बहस
5 अगस्त को राज्यसभा में CISF तैनाती को लेकर नया विवाद शुरू हुआ था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले:
“विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।”
जबकि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का पलटवार था:
“विपक्ष का तरीका पूरी तरह अलोकतांत्रिक और नियमों के खिलाफ है।”
मानसून सत्र 2025: आगे का एजेंडा
- 21 जुलाई से 21 अगस्त तक कुल 32 दिनों का सत्र।
- 18 बैठकें प्रस्तावित।
- 15+ विधेयक पेश और पास होने की संभावना।
- 13-14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते कोई बैठक नहीं।
मानसून सत्र का अब आधे से ज्यादा हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। एक ओर विपक्ष बिहार SIR और अन्य मुद्दों को लेकर आक्रामक है, तो दूसरी ओर सरकार अपनी विधायी प्राथमिकताएं पास कराने में जुटी है। आने वाले दिन महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि कई आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम विधेयक सदन के पटल पर आने वाले हैं।

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