Parikrama Kripa Saar Book : भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक धरोहर और पर्यावरणीय चेतना को विस्तार देने के उद्देश्य से इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के करकमलों से ‘परिक्रमा कृपा सार’ पुस्तक का विमोचन होना एक ऐतिहासिक अवसर है. इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष एवं मंत्रालय के कई मंत्री प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।
‘परिक्रमा कृपा सार’—पुस्तक और लेखक
इस पुस्तक के लेखक पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल हैं, जिन्होंने दो बार पैदल नर्मदा परिक्रमा की है। पहली बार 1994–1996 के बीच अपने गुरुदेव बाबा श्रीजी की सेवा में और दूसरी बार 2005 में सपत्नीक यात्रा की गई। इन यात्राओं के अनुभव, भावनाएं और प्रकृति के संदेश पुस्तक में लिपिबद्ध हैं। पटेल का मानना है कि नर्मदा नदी उनके जीवन की प्रेरणा हैं और इस कृति के माध्यम से उन्होंने नदियों की व्यथा को शब्दों में पिरोया है.
कार्यक्रम की महत्वपूर्ण झलकियाँ
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समारोह इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में होगा.
- नर्मदा की 108 पवित्र नदियों के जल से माता अहिल्याबाई होलकर का अभिषेक समारोह में किया जाएगा। यही पवित्र जल मोहन भागवत को भी स्मृति स्वरूप भेंट दिया जाएगा.
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कार्यक्रम में संत महात्मा, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी और शहर के प्रमुख नागरिक शामिल होंगे.
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आयोजन हिंदी दिवस के अवसर पर हो रहा है, जिससे साहित्यिक और भाषाई चेतना को बढ़ावा मिलेगा.
सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश
पटेल ने अपने अनुभवों के आधार पर इस आयोजन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य समाज को नदियों के संरक्षण, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को साझा करना है. मध्यप्रदेश सरकार स्वयं पर्यावरण और जल संरक्षण के विषय पर कार्य कर रही है और इस समारोह के माध्यम से जनजागरूकता को भी बल मिलेगा।
“परिक्रमा कृपा सार’ के विमोचन के बहाने इंदौर का यह आयोजन सिर्फ किताब की औपचारिकता नहीं, बल्कि अत्यंत व्यापक संदेश के साथ भारतीय आध्यात्मिकता, जल संरक्षण और संस्कृति के प्रचार का मंच है। इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और कई मंत्रीगण की सहभागिता इसे प्रदेश स्तर पर ऐतिहासिक बना देती है.
